CJP Protest: नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही की मांग तेज, CJP को मिला DU शिक्षकों का समर्थन

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन छठे दिन भी जारी है। छात्रों और युवाओं के साथ कई डीयू प्रोफेसरों ने भी समर्थन दिया। प्रदर्शनकारी एनटीए में सुधार, नीट पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 25 June 2026, 8:36 AM IST

New Delhi: जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का धरना-प्रदर्शन गुरुवार को छठे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा और विभिन्न शिक्षण संस्थानों से जुड़े लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) में सुधार, नीट पेपर लीक मामले में जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई।

धरने को समर्थन देने के लिए दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के कई शिक्षक भी मौके पर पहुंचे। इनमें प्रोफेसर विजेंद्र सिंह चौहान, प्रोफेसर आदित्य, प्रोफेसर गोपाल प्रधान, प्रोफेसर आभा देव हबीब और प्रोफेसर नंदिता नारायण शामिल रहे। शिक्षकों ने प्रदर्शनकारियों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए एनटीए को भंग कर नए सिरे से इसके गठन की मांग की। साथ ही उन्होंने नीट परीक्षा से जुड़े विवाद में जवाबदेही तय करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ी CJP

प्रदर्शन के दौरान छात्रों और युवाओं को संबोधित करते हुए सीजेपी प्रमुख अभिजीत दिपके ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एक मंत्री का इस्तीफा तक नहीं ले पा रहे हैं, जबकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध रुकवाने का दावा करते हैं। दिपके ने सवाल उठाया कि जब सरकार बड़े वैश्विक मुद्दों पर अपनी भूमिका का दावा करती है तो देश में पेपर लीक जैसी घटनाओं को क्यों नहीं रोक पा रही है।

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उन्होंने नीट पेपर लीक मामले और इसके बाद छात्रों द्वारा उठाए गए आत्मघाती कदमों के लिए सीधे तौर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था कि इस पूरे मामले में जवाबदेही तय होना जरूरी है और शिक्षा मंत्री को इसके लिए जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ना चाहिए।

सरकार से बातचीत को लेकर रखी शर्त

सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने पहले भी कहा था कि वे सरकार के साथ बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन इसके लिए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा उनकी प्रमुख शर्त है। हालांकि उनका आरोप है कि सरकार की ओर से अब तक उनसे किसी प्रकार का संपर्क नहीं किया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत करने के बजाय उन्हें आतंकवादी कहकर बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।

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सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने पर उठाए सवाल

बुधवार को अभिजीत दिपके इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की एक समिति के सामने पेश हुए। यह बैठक सीजेपी के ‘एक्स’ हैंडल को प्रतिबंधित किए जाने के मामले में हुई। दिपके ने दावा किया कि अधिकारियों ने अकाउंट ब्लॉक करने की वजह स्पष्ट नहीं की। उनका आरोप है कि अधिकारियों ने गोपनीयता का हवाला देते हुए संबंधित आदेश दिखाने से इनकार कर दिया। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि इस मामले में गोपनीयता बरती जा सकती है तो नीट पेपर लीक प्रकरण में ऐसी गोपनीयता क्यों नहीं रखी गई।

Location :  New Delhi

Published :  25 June 2026, 8:36 AM IST