CJP Protest: जंतर मंतर से गायब होने की खबरों के बीच अचानक सामने आये अभिजीत दिपके, डाइनामाइट न्यूज़ पर किया बड़ा खुलासा

पेपर लीक के मामले को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके को लेकर कई अटकलें लग रही थी। दिपके ने डाइनामाइट न्यूज़ से खास बातचीत में मामले को लेकर बड़ा खुलासा किया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 7 July 2026, 2:42 PM IST

New Delhi: पेपर लीक के मामले को लेकर जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दिपके को लेकर कई अटकलें लग रही थी। दिपके ने डाइनामाइट न्यूज़ से खास बातचीत में मामले को लेकर बड़ा खुलासा किया।

दरअसल, इस बात की अटकलें लग रही थी अभिजीत दिपके जंतर मंतर छोड़कर कहीं गायब हो गये हैं। मंगलवार को डाइनामाइट न्यूज़ से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह एक अन्य प्रदर्शन में शामिल होने के लिये महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर गये हुए थे और आज ही वहां से लौटे हैं। वे अब जंतर मंतर पर डटे रहेंगे और यहां से कहीं नहीं जाएंगे। इसके साथ ही उन्होंने उनके गायब होने की खबरों को गलत बताया और कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक वे यहां से कहीं नहीं जाएंगे।

सोशल मीडिया अभियान से जन आंदोलन तक का सफर

कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) की शुरुआत एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान के रूप में हुई थी। धीरे-धीरे यह सोशल मीडिया आंदोलन से निकलकर एक संगठित जन अभियान में बदल गया। संगठन ने प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।

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जून की शुरुआत में पार्टी ने पहली बार जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया था, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए थे। इसके बाद संगठन ने विभिन्न राज्यों में भी आंदोलन और जनसभाएं शुरू कीं। 20 जून से शुरू हुआ जंतर-मंतर का यह धरना लगातार जारी है और प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।

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क्या हैं प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें?

प्रदर्शनकारी छात्रों और आंदोलन से जुड़े संगठनों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखी हैं।

NEET पेपर लीक मामले की पूरी और निष्पक्ष जांच।

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की जवाबदेही तय की जाए।

भविष्य में पेपर लीक रोकने के लिए सख्त और पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।

परीक्षा विवादों से प्रभावित छात्रों और उनके परिवारों को उचित सहायता और न्याय दिया जाए।

Location :  New Delhi

Published :  7 July 2026, 2:07 PM IST