मोदी जंतर-मंतर से क्यों डरते हैं? धरने की जगह बदलने के फैसले पर भड़के अभिजीत दीपके और सौरव दास

गृह मंत्रालय और दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा कारणों से जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के निर्धारित स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसके बाद CJP नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके ने जंतर मंतर को प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थलों की लिस्ट से हटाने के फैसले पर तीखी प्रतिक्रियाएं दीं हैं।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 12 October 2026, 4:32 PM IST

New Delhi: दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन और धरने के लिए तय जगहों को लेकर एक बड़ा बदलाव किया गया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को अधिकृत विरोध-प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसकी जगह रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को चुना गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं, जिनमें इसके संस्थापक अभिजीत दीपके भी शामिल हैं, ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर हमला बताया है।

अभिजीत दीपके का तंज- अब पूरा देश बनेगा जंतर-मंतर

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विरोध-प्रदर्शन स्थलों की सूची से जंतर-मंतर को हटाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि जंतर-मंतर अब विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह नहीं रही क्योंकि, उनके आरोपों के अनुसार, एक "कायर तानाशाह" ने इसे पहले ही युद्ध का मैदान बना दिया था। उन्होंने कहा कि अब पूरा देश ही जंतर-मंतर बन जाएगा।

दीपके की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब दिल्ली पुलिस के फैसले के बाद राजधानी में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहों को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस तेज हो गई है।

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सौरव दास ने फैसले को बताया मौलिक अधिकारों पर हमला

CJP नेता सौरव दास ने भी इस फैसले की आलोचना की। एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जंतर-मंतर से क्यों डरते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जंतर-मंतर भारत के लोगों का है और मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि क्या गृह मंत्रालय ने यह फैसला लेने से पहले जनता, संबंधित संगठनों या अन्य हितधारकों से सलाह ली थी।

दास ने चेतावनी दी कि विरोध-प्रदर्शन स्थलों की सूची से जंतर-मंतर को हटाना लोकतंत्र को सीमित करने की दिशा में एक कदम की शुरुआत हो सकती है। फैसले को मनमाना बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इसे स्वीकार नहीं करती है। उनके अनुसार, यह शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने और इकट्ठा होने के मौलिक अधिकारों पर हमला है।

आशुतोष रांका ने माउंट एवरेस्ट को लेकर कसा तंज

CJP नेता आशुतोष रांका ने भी इस फैसले पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्यों न माउंट एवरेस्ट को ही विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह घोषित कर दिया जाए। पार्टी नेताओं की इन प्रतिक्रियाओं के बाद जंतर-मंतर को तय विरोध-प्रदर्शन वाली जगहों की सूची से हटाने का मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।

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अब धरना और विरोध-प्रदर्शन कहां किए जा सकते हैं?

दिल्ली पुलिस के एक स्थायी आदेश के अनुसार, विरोध-प्रदर्शन और धरने के लिए तीन नई जगहें तय की गई हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड शामिल हैं। आदेश में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने विरोध-प्रदर्शन के लिए पहले से तय जगहों की समीक्षा करने के लिए एक समिति बनाई थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की तय जगहों की सूची से हटा दिया गया है और तीन नई जगहों को चुना गया है।

Location :  New Delhi

Published :  12 October 2026, 4:28 PM IST