
प्रदर्शन की जगह बदलने पर भड़की CJP (Img: X)
New Delhi: दिल्ली में विरोध-प्रदर्शन और धरने के लिए तय जगहों को लेकर एक बड़ा बदलाव किया गया है। दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को अधिकृत विरोध-प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसकी जगह रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के CBD ग्राउंड को चुना गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं, जिनमें इसके संस्थापक अभिजीत दीपके भी शामिल हैं, ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार पर हमला बताया है।
अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विरोध-प्रदर्शन स्थलों की सूची से जंतर-मंतर को हटाने पर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने लिखा कि जंतर-मंतर अब विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह नहीं रही क्योंकि, उनके आरोपों के अनुसार, एक "कायर तानाशाह" ने इसे पहले ही युद्ध का मैदान बना दिया था। उन्होंने कहा कि अब पूरा देश ही जंतर-मंतर बन जाएगा।
They have removed Jantar Mantar as a designated protest site. Yes, it’s no a longer protest site as anyway it was turned into a war zone by the coward dictator. Ab poora desh Jantar Mantar banega!
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) October 12, 2026
दीपके की यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब दिल्ली पुलिस के फैसले के बाद राजधानी में शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहों को लेकर राजनीतिक और सार्वजनिक बहस तेज हो गई है।
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CJP नेता सौरव दास ने भी इस फैसले की आलोचना की। एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया में उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जंतर-मंतर से क्यों डरते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जंतर-मंतर भारत के लोगों का है और मांग की कि यह स्पष्ट किया जाए कि क्या गृह मंत्रालय ने यह फैसला लेने से पहले जनता, संबंधित संगठनों या अन्य हितधारकों से सलाह ली थी।
🚨STATEMENT🚨 Unacceptable. Why is Narendra Modi scared of Jantar Mantar? The Jantar Mantar belongs to THE PEOPLE OF INDIA. Did the Ministry of Home Affairs consult with the people of India? Were any stakeholders consulted? Were any organisations consulted? Take it in writing—just how they are denotifying people’s Jantar Mantar, the Prime Minister will soon denotify democracy in India. This move is a step towards that. We do not accept this arbitrary decision. It is an assault on people’s fundamental right to protest and peaceful assembly. Ab poora desh Jantar Mantar ban raha he! @Cockroachisback
— Saurav Das (@SauravDassss) October 12, 2026
दास ने चेतावनी दी कि विरोध-प्रदर्शन स्थलों की सूची से जंतर-मंतर को हटाना लोकतंत्र को सीमित करने की दिशा में एक कदम की शुरुआत हो सकती है। फैसले को मनमाना बताते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इसे स्वीकार नहीं करती है। उनके अनुसार, यह शांतिपूर्ण ढंग से विरोध करने और इकट्ठा होने के मौलिक अधिकारों पर हमला है।
CJP नेता आशुतोष रांका ने भी इस फैसले पर व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्यों न माउंट एवरेस्ट को ही विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगह घोषित कर दिया जाए। पार्टी नेताओं की इन प्रतिक्रियाओं के बाद जंतर-मंतर को तय विरोध-प्रदर्शन वाली जगहों की सूची से हटाने का मुद्दा चर्चा का विषय बन गया है।
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दिल्ली पुलिस के एक स्थायी आदेश के अनुसार, विरोध-प्रदर्शन और धरने के लिए तीन नई जगहें तय की गई हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड शामिल हैं। आदेश में कहा गया है कि गृह मंत्रालय ने विरोध-प्रदर्शन के लिए पहले से तय जगहों की समीक्षा करने के लिए एक समिति बनाई थी। समिति की सिफारिशों के आधार पर जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन की तय जगहों की सूची से हटा दिया गया है और तीन नई जगहों को चुना गया है।
Location : New Delhi
Published : 12 October 2026, 4:28 PM IST