
CJI सूर्यकांत शर्मा ने घोषणा की (Img: Google)
Sikkim: सिक्किम ने देश में एक बड़ा और नया कदम उठाया है। अब सिक्किम को भारत का पहला “पेपरलेस न्यायपालिका” राज्य बना दिया गया है। इसका मतलब यह है कि अब यहां अदालतों में कागज का इस्तेमाल बहुत कम या लगभग खत्म हो जाएगा। पूरा काम कंप्यूटर और डिजिटल सिस्टम से होगा। यह फैसला न्याय व्यवस्था को आसान और तेज बनाने के लिए लिया गया है। इस कार्यक्रम में कई जज, वकील और बड़े अधिकारी भी शामिल हुए।
यह घोषणा शुक्रवार को राजधानी गंगटोक में हुई। जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत शर्मा (CJI Suryakant Sharma) शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पहले लोगों को कोर्ट तक पहुंचने में बहुत मुश्किल होती थी। दूर-दराज के इलाकों से लोग आते थे और कई दिन लग जाते थे। लेकिन अब तकनीक की वजह से यह दूरी कम हो गई है और लोग आसानी से न्याय से जुड़ पा रहे हैं।
सुप्रीम कोर्ट के जज जेके माहेश्वरी ने कहा कि यह बदलाव बहुत बड़ा है। उन्होंने बताया कि इसका मतलब यह नहीं है कि इंसान की भूमिका खत्म हो जाएगी। काम आसान हो जाएगा। अब फाइलें खोने का डर नहीं रहेगा और काम तेजी से होगा।
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सिक्किम हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि यह राज्य के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि असली मकसद आम लोगों को जल्दी और सही न्याय देना है। वहीं एक अन्य जज ने कहा कि तकनीक अच्छी चीज है। इसका इस्तेमाल ऐसा होना चाहिए कि गरीब और दूर के लोग इससे दूर न हो जाएं। हर किसी को इसका फायदा मिलना चाहिए।
इस कार्यक्रम में भारत के बड़े कानूनी अधिकारी और सिक्किम के मुख्यमंत्री भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिक्किम अपने 50 साल पूरे होने पर इस उपलब्धि को लेकर बहुत गर्व महसूस कर रहा है।
Location : Sikkim
Published : 2 May 2026, 10:55 AM IST