सीजेआई सूर्यकांत का राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे से मिलने से इनकार, सामने आई यह बड़ी वजह

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को मुलाकात का समय देने से इनकार कर दिया है। सीजेआई ने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) से जुड़े मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं।

Updated : 12 October 2026, 8:51 AM IST
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New Delhi: देश की राजनीति में एक बार फिर चुनाव प्रक्रिया और न्यायपालिका के बीच का टकराव चर्चा का विषय बन गया है। सामने आई रिपोर्टों के अनुसार, भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करने का समय देने से साफ इनकार कर दिया है। विपक्षी नेताओं की यह मुलाकात मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे को लेकर तय की जानी थी, जिसके लिए सोमवार का समय मांगा गया था।

ईमेल के जरिए मिला जवाब, यह है मुलाकात न होने की मुख्य वजह

लाइव लॉ की सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेआई सूर्यकांत ने राहुल गांधी के आधिकारिक ईमेल का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि जिन संवेदनशील विषयों पर विपक्षी नेता चर्चा करना चाहते हैं, वे सभी मामले पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। न्यायपालिका की मर्यादा और कानूनी प्रक्रिया के तहत, जो मामले अदालत में पहले से लंबित हों, उन पर अलग से व्यक्तिगत मुलाकात करना या अनौपचारिक चर्चा करना उचित नहीं माना जाता है। इसी न्यायिक अनुशासन को ध्यान में रखते हुए सीजेआई ने इस मुलाकात की अनुमति देने से मना कर दिया।

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अदालत का रुख: प्रशासनिक मामलों में सीधा दखल नहीं, याचिका का विकल्प खुला

अपने संदेश में सीजेआई ने इस बात पर भी जोर दिया कि सुप्रीम कोर्ट सीधे तौर पर सरकार या चुनाव आयोग के प्रशासनिक कामकाज और रोजमर्रा के फैसलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता है। हालांकि, न्यायपालिका ने विपक्ष के अधिकारों को पूरी तरह सुरक्षित रखते हुए यह भी स्पष्ट किया है कि यदि विपक्षी दल अपने या नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए औपचारिक रूप से अदालत का रुख करना चाहते हैं, तो वे इसके लिए आधिकारिक याचिका दायर कर सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यदि विपक्ष की ओर से इस संबंध में कोई याचिका दाखिल की जाती है, तो मंगलवार को एसआईआर से जुड़े अन्य मामलों के साथ उस पर भी नियमानुसार सुनवाई की जा सकती है।

विपक्षी दलों का मार्च और ज्ञापन सौंपने की थी योजना

इससे पहले रविवार को राहुल गांधी ने मीडिया और सार्वजनिक मंचों के माध्यम से यह ऐलान किया था कि तमाम विपक्षी दलों के नेता सोमवार को एकजुट होकर सुप्रीम कोर्ट तक एक मार्च निकालेंगे। इस मार्च का मुख्य उद्देश्य सीजेआई को एक विस्तृत ज्ञापन सौंपना था। इस ज्ञापन के जरिए विपक्षी दलों की मुख्य मांग यह थी कि एसआईआर प्रक्रिया को तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाए और साथ ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई जानी थी। इस प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और मुलाकात की योजना के बीच सीजेआई के इनकार ने राजनीतिक हलचल को और तेज कर दिया है।

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सुप्रीम कोर्ट का पुराना फैसला और लंबित मामले

इस पूरे घटनाक्रम की पृष्ठभूमि में मई 2026 का वह अदालती फैसला भी शामिल है, जिसमें सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने चुनाव आयोग के एसआईआर कराने के वैधानिक अधिकार को पूरी तरह वैध करार दिया था। अदालत ने अपने उस निर्णय में चुनाव आयोग की शक्तियों को बरकरार रखा था। इसके अलावा, मुख्य चुनाव आयुक्त के कुछ चुनिंदा फैसलों को चुनौती देने वाली कई अन्य याचिकाएं भी इस समय सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं, जिनमें मुख्य आरोप यह लगाया गया है कि ये फैसले अन्य चुनाव आयुक्तों की आपसी सहमति के बिना लिए गए थे। अब देखना यह होगा कि विपक्षी दल इस कानूनी स्थिति के बाद क्या अगला कदम उठाते हैं।

Location :  New Delhi

Published :  12 October 2026, 8:51 AM IST

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