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चाईबासा: पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर स्थित सोनुवा प्रखंड के बनुआ और सोनापोस गांव में इस वक्त पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा हुआ है। आजादी के सात दशक से भी अधिक समय बीत जाने के बाद भी यहां के लोग बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। पानी के इस भयंकर संकट ने अब एक बड़े "पेयजल जन आंदोलन" का रूप ले लिया है। ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर है, क्योंकि गांव के अधिकांश चापाकल पूरी तरह खराब हो चुके हैं और उनसे सिर्फ सूखी हवा निकलती है। इस तपती धूप और गर्मी में ग्रामीण महिलाएं और बच्चे करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर पीने का पानी लाने को मजबूर हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 20 June 2026, 11:54 AM IST
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Published :  20 June 2026, 9:12 AM IST

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