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बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसकी सहयोगी शिवसेना ने मजबूत बढ़त बना ली है। करीब दो दशक बाद साथ आए ठाकरे चचेरे भाई मुंबई में सत्तारूढ़ BJP–Shiv Sena गठबंधन से पीछे नजर आ रहे हैं।
BJP की बड़ी जीत
Mumbai: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसकी सहयोगी शिवसेना ने मजबूत बढ़त बना ली है। करीब दो दशक बाद साथ आए ठाकरे चचेरे भाई मुंबई में सत्तारूढ़ BJP–Shiv Sena गठबंधन से पीछे नजर आ रहे हैं। चार साल की देरी के बाद हुए इस चुनाव को राजनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा था, क्योंकि यह 2022 में शिवसेना के विभाजन के बाद पहला बीएमसी चुनाव है।
बीएमसी देश की सबसे अमीर नगर निकाय है, जिसका वार्षिक बजट 74,400 करोड़ रुपये से अधिक है। वर्ष 1997 से 2022 तक अविभाजित शिवसेना का बीएमसी पर दबदबा रहा, लेकिन इस बार राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदले हुए नजर आए। 2022 में एकनाथ शिंदे ने शिवसेना के अधिकांश विधायकों के साथ अलग होकर भाजपा के समर्थन से महाराष्ट्र की सत्ता संभाली थी, जिसका असर इस चुनाव में भी दिखा।
चुनाव परिणामों में भाजपा ने कई अहम वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि शिवसेना (शिंदे गुट) ने भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। वहीं, उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस को कुछ वार्डों में सफलता मिली, लेकिन कुल मिलाकर वे पिछड़ती दिखीं।
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इन नतीजों के बाद मुंबई की राजनीति में नए समीकरण बनने तय माने जा रहे हैं। बीएमसी पर नियंत्रण न सिर्फ प्रशासनिक बल्कि 2029 के विधानसभा और 2027 के लोकल बॉडी चुनावों के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा है।