‘वोट चोरी’ बनाम ‘लोकतंत्र बचाओ’… कांग्रेस-BJP की सियासी लड़ाई अब सड़क पर

कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ मुहिम के जवाब में बीजेपी ने अपना राजनीतिक अभियान तेज करने की तैयारी की है। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के बाद बीजेपी हैदराबाद और हरियाणा के करनाल में पदयात्राएं आयोजित करेगी

Updated : 26 October 2026, 5:55 PM IST
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नई दिल्ली: कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ मुहिम के जवाब में बीजेपी ने अपना राजनीतिक अभियान तेज करने की तैयारी की है। दिल्ली के रामलीला मैदान में 1 नवंबर को कांग्रेस की प्रस्तावित रैली के बाद बीजेपी हैदराबाद और हरियाणा के करनाल में पदयात्राएं आयोजित करेगी। इन दोनों कार्यक्रमों में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने का कार्यक्रम है। बीजेपी इन पदयात्राओं को ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित कर रही है।

विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी टकराव के बीच बीजेपी की यह रणनीति अहम मानी जा रही है। कांग्रेस जहां मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के आरोपों को लेकर सरकार और चुनावी व्यवस्था पर सवाल उठा रही है, वहीं बीजेपी विपक्ष के आरोपों को भ्रामक बताते हुए अपना पक्ष सामने रखने की तैयारी में है।

कांग्रेस की रैली के अगले दिन हैदराबाद में बीजेपी की पदयात्रा

तेलंगाना बीजेपी के अध्यक्ष एन. रामचंद्र राव के मुताबिक, हैदराबाद में 2 नवंबर को पदयात्रा आयोजित की जाएगी। इसका विषय ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ रखा गया है। रामचंद्र राव ने सोमवार को बताया कि अमित शाह इस कार्यक्रम में शामिल होंगे।

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यह कार्यक्रम दिल्ली में कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ के आरोपों को लेकर होने वाली रैली के ठीक अगले दिन प्रस्तावित है। ऐसे में दोनों दलों के अभियानों के बीच राजनीतिक संदेश और जवाबी रणनीति पर सबकी नजर रहेगी।

रामचंद्र राव ने कांग्रेस पर SIR को लेकर गलत नैरेटिव फैलाने और युवाओं को भड़काने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बीजेपी इस अभियान के जरिए विपक्ष के दावों का जवाब देगी। हालांकि, मतदाता सूची से नाम हटाए जाने को लेकर विपक्ष के आरोपों और बीजेपी के जवाब के बीच वास्तविक स्थिति का आकलन संबंधित चुनावी आंकड़ों और आधिकारिक रिकॉर्ड के आधार पर ही किया जा सकता है।

तेलंगाना के मुख्यमंत्री को रामचंद्र राव की चुनौती

SIR को लेकर जारी विवाद के बीच रामचंद्र राव ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी को अपने पैतृक गांव कोंडारेड्डीपल्ले चलने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि दोनों साथ जाकर यह जांच सकते हैं कि मतदाता सूची से कितने लोगों के नाम हटाए गए हैं।

उन्होंने तेलंगाना के कांग्रेस मंत्रियों से भी ऐसे कम से कम 10 मतदाताओं की पहचान करने को कहा, जिनके नाम कथित तौर पर सूची से हटाए गए हैं। साथ ही उन्होंने नाम हटाए जाने के कारणों को स्पष्ट करने की मांग की।

बीजेपी का कहना है कि विपक्ष SIR की प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैला रहा है। दूसरी ओर विपक्ष मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और नामों को हटाए जाने के मुद्दे पर सवाल उठा रहा है। यही विवाद अब राजनीतिक दलों के बीच एक बड़े टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है।

5 नवंबर को करनाल में भी पदयात्रा करेंगे अमित शाह

बीजेपी का दूसरा बड़ा कार्यक्रम हरियाणा के करनाल में 5 नवंबर को प्रस्तावित है। यहां भी अमित शाह ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

वोट चोरी’ रैली फोटो सोर्स-डाइनामाइट न्यूज

वोट चोरी’ रैली फोटो सोर्स-डाइनामाइट न्यूज

उपलब्ध कार्यक्रम संबंधी जानकारी के मुताबिक, अमित शाह के सुबह 10 बजे पहुंचने का कार्यक्रम है। पदयात्रा के मार्ग, पार्टी कार्यकर्ताओं को आमंत्रित करने, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य तैयारियों पर भी चर्चा की गई है।

SIR पर सियासी लड़ाई अब सड़कों तक

दिल्ली, हैदराबाद और करनाल में प्रस्तावित इन कार्यक्रमों से साफ है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में बना हुआ है। कांग्रेस इसे ‘वोट चोरी’ के आरोपों से जोड़कर उठा रही है, जबकि बीजेपी विपक्ष के अभियान का जवाब देने के लिए जनसंपर्क और पदयात्राओं का सहारा लेने जा रही है।

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अब नजर इस बात पर रहेगी कि कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली में क्या संदेश दिया जाता है और उसके बाद बीजेपी की पदयात्राओं में अमित शाह समेत पार्टी के नेता किन मुद्दों को प्रमुखता देते हैं। इन अभियानों का राजनीतिक असर कितना होगा, यह आगे की प्रतिक्रियाओं और मतदाता सूची से जुड़े तथ्यों पर निर्भर करेगा।

Location :  New Delhi

Published :  26 October 2026, 5:55 PM IST

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