केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक में पश्चिम एशिया संकट पर विस्तार से चर्चा की। सरकार ने कहा कि देश में तेल और ऊर्जा की कोई कमी नहीं है, सप्लाई चेन सुरक्षित है और जनता को घबराने की जरूरत नहीं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच केंद्र सरकार ने बुधवार को सर्वदलीय बैठक बुलाकर स्थिति की समीक्षा की। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में करीब 1 घंटे 45 मिनट तक चली इस बैठक का उद्देश्य विपक्ष को मौजूदा हालात से अवगत कराना और राष्ट्रीय एकजुटता दिखाना था। बैठक में सुरक्षा और विदेश मामलों से जुड़े शीर्ष मंत्री शामिल हुए।
बैठक में रक्षा मंत्री के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस जयशंकर, और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण उपस्थित रहे। इसके अलावा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू भी बैठक में शामिल थे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने पश्चिम एशिया की जटिल स्थिति और वैश्विक हालात पर विस्तार से जानकारी दी।
विपक्ष से कांग्रेस के तारिक अनवर और मुकुल वासनिक, समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव और बीजद के सस्मित पात्रा बैठक में मौजूद रहे।
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सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में ऊर्जा और तेल की कोई कमी नहीं है। बैठक में बताया गया कि तेल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और पर्याप्त स्टॉक मौजूद हैं। चार जहाज भारत की ओर आ रहे हैं और कुछ अन्य जल्द ही होर्मुज क्षेत्र से निकलेंगे। इससे स्पष्ट है कि सप्लाई चेन को लेकर कोई बड़ा खतरा नहीं है।
सरकार ने कहा कि मौजूदा स्थिति नियंत्रण में है और जरूरत पड़ने पर तुरंत कदम उठाए जाएंगे। आम जनता से अपील की गई कि किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और घबराएं नहीं।
बैठक में विपक्ष ने सुरक्षा, तेल आपूर्ति और विदेश नीति से जुड़े कई सवाल उठाए। सरकार ने हर सवाल का संतोषजनक जवाब दिया और भरोसा दिलाया कि सभी पहलुओं पर नजर रखी जा रही है।
सरकार ने कहा कि हर कदम सोच-समझकर उठाया जा रहा है और देश पूरी तरह तैयार है। यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण थी ताकि विपक्ष को वर्तमान स्थिति से अवगत कराया जा सके और राष्ट्रीय स्तर पर एकजुटता का संदेश दिया जा सके।
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सरकार ने स्पष्ट किया कि वैश्विक घटनाओं पर लगातार नजर रखी जा रही है। आवश्यक होने पर रणनीतिक और कूटनीतिक कदम तुरंत उठाए जाएंगे। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थिति पर नजर बनाए रखना जरूरी है और भारत अपनी सुरक्षा व ऊर्जा जरूरतों के लिए पूरी तरह सजग है।