प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति में शनिवार को भारतीय वासु सेना ने पूर्वोत्तर में इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का उद्घाटन किया गया। इस मौके पर आयोजित खास एयर शो में चीन बॉर्डर पर राफेल और सुखोई विमानों ने उड़ान भरी।

चीन बॉर्डर के पास गरजी भारतीय वायुसेना
Dibrugarh/New Delhi: चीन और म्यांमार सीमा के करीब असम के डिब्रूगढ़-मोरन नेशनल हाइवे पर बनाये गये देश के पहली हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकार्पण किया। पीएम मोदी की उपस्थिति में भारतीय वासु सेना ने पूर्वोत्तर में इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) के उद्घाटन के मौके पर एक एयरशो भी किया। इस मौके पर सीमा के पास राफेल और सुखोई विमानों ने अपने करतब दिखाये। हाईवे से फाइटर जेट्स ने उड़ान भरी।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने असम के डिब्रूगढ़ में देश की पहली हाईवे इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) पर भारतीय वायुसेना के C-130J Super Hercules से लैंड किया। इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी के उद्घाटन से पहले एयर फोर्स ने एक बड़ा एयर पावर का प्रदर्शन किया। डिब्रूगढ़ में पीएम मोदी और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा की मौजूदगी में इस शो का प्रदर्शन हुआ।
जब पीएम मोदी डिब्रूगढ़ पहुंचे
ऊपरी असम में एक हाईवे स्ट्रिप पर बनाई गई इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी युद्ध या आपातकाल की स्थिति में लड़ाकू विमानों, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और हेलीकॉप्टरों के लिए वैकल्पिक लैंडिंग की जगह देगा। यह पूर्वोत्तर भारत की रक्षा और रणनीतिक तैयारी में का एक महत्वपूर्ण और बड़ा कदम है।
हाईवे स्ट्रिप पर बनाई गई इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी से भारतीय वायुसेना (IAF) को और मजबूती मिली है। यदि मुख्य एयरबेस पर हमला हो या क्षतिग्रस्त हो जाएं, तो यह फैसिलिटी एयर फोर्स को वैकल्पिक जगह देगी और यहां से फाइटर जेट्स और अन्य विमानों का संचालन हो सकेगा।
हाईवे स्ट्रिप विमानों को तैनात करने की सुविधा देगी, जिससे दुश्मन का निशाना लगाना मुश्किल हो जाएगा। यह भारत के पूर्वी सेक्टर में हवाई ऑपरेशंस की क्षमता बढ़ाएगी।
मोरन एयरस्ट्रिप लाइन पर विमानों ने भरी उड़ानें
डिब्रूगढ़ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने मंच पर किया। पीएम मोदी मोरन बाईपास पर नई इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी (ELF) का उद्घाटन करने पहुंचे। एयरशो के बाद उन्हें एयर चीफ मार्शल ए. पी. सिंह ने मोरन ELF की विशेषताओं पर प्रजेंटेशन दिखाया।
मोरन ELF के उद्घाटन के साथ देश में ELF की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। भारत का पहला ELF 2021 में राजस्थान के बाड़मेर जिले में खुला था। लगभग 17 ELF परियोजनाएं देश के विभिन्न हिस्सों में चल रही हैं।
ELF की संख्या में बढ़ोतरी
दोपहर 1 बजे पीएम मोदी ब्रह्मपुत्र नदी पर बने कुमार भास्कर वर्मा सेतु का निरीक्षण करेंगे और 1:30 बजे गुवाहाटी के लचित घाट पर 5,450 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे। कामरूप जिले के अमिंगांव में नेशनल डेटा सेंटर का उद्घाटन करेंगे। इसके साथ ही PM-ई बस सेवा योजना के तहत गुवाहाटी, नागपुर, भावनगर और चंडीगढ़ में नई इलेक्ट्रिक बसों को हरी झंडी दिखाई जाएगी।