
विमान में एयर टर्बुलेंस (Img: AI)
New Delhi: दिल्ली एयरपोर्ट पर फुकेट से आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस की वजह से बड़ा हादसा टल गया। फ्लाइट में बहुत तेज से नीचे आने की वजह से कई यात्रियों का हल्की चोटें भी आई। राहत कि बात यह है कि विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर सही लैंडिंग कराया गया और सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।
ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर क्या होता है एयर टर्बुलेंस? जिसकी वजह से इतना बड़ा हादसा होने वाला था। बता दें कि एयर टर्बुलेंस का मतलब होता है हवा की चाल का अचानक से अस्थिर हो जाना। दरअसल, जब फ्लाइट उड़ान के समय तेज या बदलती हुई हवा से गुजरता है, तो वह हिलने-डुलने लगता है। इसी वजह से यात्रियों को झटके महसूस होते हैं।
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एयर टर्बुलेंस कई वजहों से हो सकता है-
अगर आप सोच रहे हैं कि क्या एयर टर्बुलेंस की वजह से विमान क्रैश हो सकता है, तो ऐसा नहीं है। ज्यादातर मामलों में एयर टर्बुलेंस खतरनाक नहीं होते। फ्लाइट ऐसे झटकों को आसानी से सह सकती है और इसको ध्यान में रखते हुए ही विमान बनाए जाते हैं। हालांकि, अगर पैसेंजर सीट बेल्ट नहीं लगाए हों, तो उन्हें चोट लग सकती है।
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एयर टर्बुलेंस की घटनाएं उड़ान के दौरान कभी-कभी देखी जाती है। अगर उड़ान के समय विमान हिलने या झटके मारने लगे तो घबराएं नहीं। एक्सपीरियंस पायलट और नई टेक्नॉलॉजी की मदद से ऐसे हालात को आसानी से संभाल लिया जाता है। इसलिए अपनी सीट पर आसाम से सीट बेल्ट लगाए बैठे रहें और केबिन क्रू के निर्देशों का पालन करें।
Location : New Delhi
Published : 4 August 2026, 2:38 PM IST