Air Turbulence: हवा में हिचकोले और विमान में सवार कई यात्री घायल, जानिए क्या होता है एयर टर्बुलेंस?

फुकेट से दिल्ली आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस के कारण बड़ा हादसा टल गया । पायलट की सूझबूझ से प्लेन सुरक्षित लैंड हुआ। आइए जानते हैं कि आखिर क्या होता है एयर टर्बुलेंस और ऐसे हालात में यात्रियों को क्या करना चाहिए।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 August 2026, 2:38 PM IST

New Delhi: दिल्ली एयरपोर्ट पर फुकेट से आ रही एयर इंडिया की फ्लाइट में तेज टर्बुलेंस की वजह से बड़ा हादसा टल गया। फ्लाइट में बहुत तेज से नीचे आने की वजह से कई यात्रियों का हल्की चोटें भी आई। राहत कि बात यह है कि विमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर सही लैंडिंग कराया गया और सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।

क्या होता है एयर टर्बुलेंस?

ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल आ रहा होगा कि आखिर क्या होता है एयर टर्बुलेंस? जिसकी वजह से इतना बड़ा हादसा होने वाला था। बता दें कि एयर टर्बुलेंस का मतलब होता है हवा की चाल का अचानक से अस्थिर हो जाना। दरअसल, जब फ्लाइट उड़ान के समय तेज या बदलती हुई हवा से गुजरता है, तो वह हिलने-डुलने लगता है। इसी वजह से यात्रियों को झटके महसूस होते हैं।

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टर्बुलेंस क्यों होता है?

एयर टर्बुलेंस कई वजहों से हो सकता है-

  • तेज हवाएं
  • खराब मौसम या बारिश
  • गरज-चमक वाले बादल
  • पहाड़ों के ऊपर बहने वाली हवा
  • कई बार साफ मौसम में भी टर्बुलेंस हो सकता है

क्या इससे विमान गिर भी सकता है?

अगर आप सोच रहे हैं कि क्या एयर टर्बुलेंस की वजह से विमान क्रैश हो सकता है, तो ऐसा नहीं है। ज्यादातर मामलों में एयर टर्बुलेंस खतरनाक नहीं होते। फ्लाइट ऐसे झटकों को आसानी से सह सकती है और इसको ध्यान में रखते हुए ही विमान बनाए जाते हैं। हालांकि, अगर पैसेंजर सीट बेल्ट नहीं लगाए हों, तो उन्हें चोट लग सकती है।

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टर्बुलेंस के समय क्या करें?

एयर टर्बुलेंस की घटनाएं उड़ान के दौरान कभी-कभी देखी जाती है। अगर उड़ान के समय विमान हिलने या झटके मारने लगे तो घबराएं नहीं। एक्सपीरियंस पायलट और नई टेक्नॉलॉजी की मदद से ऐसे हालात को आसानी से संभाल लिया जाता है। इसलिए अपनी सीट पर आसाम से सीट बेल्ट लगाए बैठे रहें और केबिन क्रू के निर्देशों का पालन करें।

Location :  New Delhi

Published :  4 August 2026, 2:38 PM IST