
प्रतीकात्मक छवि
Leh: लद्दाख तक रेलगाड़ी पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना अब एक कदम और आगे बढ़ती दिखाई दे रही है। बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन परियोजना के तहत तंगलांग ला दर्रे के पास समुद्र तल से 17,582 फीट की ऊंचाई पर दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन बनाने की योजना है। यदि प्रस्तावित योजना को अंतिम मंजूरी मिल जाती है तो भारत इस मामले में चीन का रिकॉर्ड तोड़ देगा। फिलहाल दुनिया का सबसे ऊंचा रेलवे स्टेशन चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र और चिंगहाई प्रांत की सीमा पर स्थित तांगगुला स्टेशन है, जो 16,627 फीट की ऊंचाई पर बना है।
प्रस्तावित बिलासपुर-मनाली-लेह रेललाइन की कुल लंबाई करीब 489 किलोमीटर होगी। इस परियोजना पर लगभग 1.31 लाख करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रेललाइन हिमालय के बेहद दुर्गम पहाड़ी इलाकों से होकर गुजरेगी। इसका उद्देश्य लद्दाख को देश के रेलवे नेटवर्क से जोड़ना और सीमावर्ती क्षेत्र में आवागमन की सुविधाओं को मजबूत करना है। इससे सैन्य साजो-सामान और जरूरी वस्तुओं की आवाजाही को भी बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। रक्षा मंत्रालय ने इस परियोजना को रणनीतिक महत्व की योजना के रूप में चिह्नित किया है।
इस रेल परियोजना का निर्माण आसान नहीं होगा। हिमालय के ऊंचे पहाड़ों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए रेलवे ट्रैक का बड़ा हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा। प्रस्तावित 489 किलोमीटर लंबे रेलमार्ग में करीब 270 किलोमीटर हिस्सा सुरंगों के अंदर होगा। इसके लिए कुल 62 सुरंगें और 116 पुल बनाने की योजना है। यानी रेललाइन का आधे से अधिक हिस्सा पहाड़ों के भीतर से होकर गुजरेगा।
इस परियोजना की एक और खास बात केलांग में भारत का पहला भूमिगत रेलवे स्टेशन बनाने की योजना है। इसके अलावा टेंगला में प्रस्तावित स्टेशन 17,582 फीट की ऊंचाई पर होगा। यह चीन के तांगगुला रेलवे स्टेशन से करीब 955 फीट यानी 291 मीटर अधिक ऊंचाई पर स्थित होगा। इस तरह परियोजना पूरी होने पर भारत को दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे स्टेशन का रिकॉर्ड मिल सकता है।
प्रस्तावित रेललाइन हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर से शुरू होगी। इसके बाद यह सुंदरनगर, मंडी, मनाली, केलांग, सरचू और उपशी होते हुए लद्दाख के लेह स्थित टेंगला तक पहुंचेगी। इस रेल संपर्क से हिमाचल प्रदेश और लद्दाख के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है। फिलहाल इन पहाड़ी क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता है। रेललाइन बनने के बाद यात्रियों और सेना दोनों के लिए आवाजाही का एक नया विकल्प तैयार हो सकता है।
परियोजना से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित रेललाइन का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भी तैयार की जा चुकी है। हालांकि, निर्माण कार्य शुरू करने के लिए अभी औपचारिक मंजूरी मिलना बाकी है। इसके लिए नीति आयोग, वित्त मंत्रालय और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ परामर्श तथा आवश्यक स्वीकृतियां ली जानी हैं।
परियोजना के पहले चरण में भानुपल्ली-बिलासपुर रेलखंड पर काम चल रहा है। इस हिस्से को 2027 तक पूरा करने की उम्मीद है। हालांकि, बिलासपुर से मनाली होते हुए लेह तक पूरे रेल कॉरिडोर के निर्माण की समयसीमा अभी निर्धारित नहीं की गई है। ऐसे में दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे स्टेशन का रिकॉर्ड भारत के नाम होने के लिए अभी मंजूरी और निर्माण के अगले चरणों का इंतजार करना होगा।
Location : Ladakh
Published : 6 November 2026, 3:58 PM IST
Topics : Bilaspur Manali Leh Railway Line Ladakh Railway Project Leh Railway Station Tanglang La Railway Station World's Highest Railway Station