
10 लाख का मुआवजा देकर बीएमसी ने क्या साध ली चुप्पी? (Img- X)
Mumbai: मुंबई के कुर्ला-साकीनाका क्षेत्र में खुले गटर में गिरने से एक बेकसूर नागरिक की मौत के दर्दनाक हादसे को दो महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है। बीएमसी प्रशासन ने राजनीतिक दबाव और जन आक्रोश को देखते हुए मृतक की पत्नी अंजुम शेख के बैंक खाते में 10 लाख रुपये की सहायता राशि तो जमा करा दी, लेकिन अपनी प्रशासनिक नाकामी को छिपाने के लिए जांच रिपोर्ट पर कुंडली मारकर बैठा है।
रुपये हस्तांतरित कर बीएमसी ने आर्थिक मदद की औपचारिकता तो पूरी कर दी, पर सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस जानलेवा लापरवाही के जिम्मेदार अफसरों और ठेकेदारों पर कार्रवाई की रिपोर्ट कहां गायब है?
2 जुलाई को हुए इस भीषण हादसे के तुरंत बाद तत्कालीन प्रशासनिक हलचलों के तहत बीएमसी कमिश्नर ने अतिरिक्त नगर आयुक्त (पश्चिमी उपनगर) विपिन शर्मा की अध्यक्षता में एक विशेष जांच समिति का गठन किया था। इस समिति को महज 7 दिनों के भीतर विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने का सख्त आदेश दिया गया था।
हालांकि, 60 दिनों से ज्यादा का वक्त बीत जाने के बाद भी जांच रिपोर्ट ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है। सूत्रों का कहना है कि निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई कर बड़े अधिकारियों को बचाने की नीयत से रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
हादसे के बाद मेयर रितु तावड़े ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना जताई थी और मानवीय आधार पर त्वरित आर्थिक मदद का आश्वासन दिया था। मेयर की पहल पर बीएमसी के आला अधिकारियों ने कागजी कागजी कार्रवाई पूरी कराकर 4 अगस्त को मुआवजा राशि अंजुम के खाते में ट्रांसफर कर दी।
हालांकि, मेयर ने खुद माना था कि यह मदद किसी के जाने का गम कम नहीं कर सकती। इसके बावजूद, बीएमसी प्रशासन की ओर से अब तक दोषियों को चिह्नित न करना और जांच लटकाए रखना नागरिक व्यवस्था की संवेदनहीनता को दर्शाता है।
स्थानीय नागरिकों और विपक्षी पार्षदों ने बीएमसी की इस ढुलमुल कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका सीधा आरोप है कि बीएमसी मुआवजा बांटकर केवल अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर रही है और अपने दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों को बचा रही है।
जब तक जांच रिपोर्ट सार्वजनिक कर दोषियों के खिलाफ एफआईआर और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक पीड़ित परिवार को असली न्याय मिलना नामुमकिन है। यह मामला सिर्फ एक मुआवजे का नहीं, बल्कि मुंबई की सड़कों पर आम इंसान की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही से जुड़ा हुआ है।
Location : Mumbai
Published : 9 September 2026, 2:29 PM IST