सपा की डिप्टी मेयर पहुंची बॉम्बे हाईकोर्ट; HC ने महाराष्ट्र सरकार से मांगा जवाब

मालेगांव नगर निगम में टीपू सुल्तान की तस्वीर हटाने के आदेश के खिलाफ डिप्टी मेयर ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया। कोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है।

Post Published By: Rohit Goyal
Updated : 21 September 2026, 11:20 AM IST
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मुंबई: महाराष्ट्र के मालेगांव महानगरपालिका में टीपू सुल्तान की तस्वीर को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बॉम्बे हाईकोर्ट पहुंच गया है। नगर निगम की डिप्टी मेयर और समाजवादी पार्टी की पार्षद शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने प्रशासन के उस निर्देश को चुनौती दी है, जिसमें तस्वीर हटाने को कहा गया था।

याचिका पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

गांधी और अंबेडकर समेत कई हस्तियों के साथ लगी थी तस्वीर

मालेगांव नगर निगम के डिप्टी मेयर कार्यालय में लगी तस्वीर में टीपू सुल्तान के साथ कई अन्य ऐतिहासिक और राष्ट्रीय हस्तियों के चित्र शामिल हैं।

इसमें महात्मा गांधी, छत्रपति शिवाजी महाराज, रानी लक्ष्मीबाई, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, डॉ. बीआर अंबेडकर, सावित्रीबाई फुले, महात्मा ज्योतिराव फुले, भगत सिंह और राजर्षि शाहू महाराज जैसी हस्तियों की तस्वीरें भी शामिल हैं।

नगर निगम नेता नीलेश काकड़े ने टीपू सुल्तान की तस्वीर पर आपत्ति जताई थी। इसके बाद नगर निगम प्रशासन और पुलिस ने तस्वीर हटाने के निर्देश दिए थे। मामला महाराष्ट्र सरकार के मंत्री दादा भूसे तक भी पहुंचा था।

तस्वीर हटाने के आदेश पर उठाए सवाल

याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में सवाल उठाया गया कि विशेष रूप से टीपू सुल्तान की तस्वीर पर ही आपत्ति क्यों जताई जा रही है, जबकि अन्य ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की तस्वीरें भी सार्वजनिक और सरकारी परिसरों में मौजूद हैं।

अधिकारियों ने सरकारी कार्यालयों में राष्ट्रीय नेताओं की तस्वीर लगाने से जुड़े 1965 के सर्कुलर और 2002 के सरकारी प्रस्तावों का हवाला दिया है।

संविधान के मूल संस्करण का भी दिया हवाला

याचिका में भारत के संविधान के मूल कलात्मक संस्करण का भी उल्लेख किया गया है। याचिकाकर्ता का दावा है कि संविधान के मूल संस्करण में भी टीपू सुल्तान से जुड़ी एक तस्वीर मौजूद है।

इसके अलावा याचिका में नासिक जिला कोर्ट समेत कुछ अन्य सार्वजनिक संस्थानों में टीपू सुल्तान की तस्वीर होने का भी जिक्र किया गया है।

हाईकोर्ट ने मांगा सरकार का जवाब

महाराष्ट्र सरकार ने याचिका का विरोध किया है। मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस महेशचंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की पीठ ने की।

पीठ ने राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले में आगे की सुनवाई सरकार के जवाब के बाद होगी।

Location :  mumbai

Published :  21 September 2026, 11:20 AM IST

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