Holding Urine Side Effects: पेशाब रोकने की आदत छोड़ दें, वरना शरीर में हो सकती हैं ये बीमारियां!

पेशाब को देर तक रोकना (Holding Urine Side Effects) आपको मामूली आदत लग सकती है, लेकिन बार-बार ऐसा करना ब्लैडर के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। कुछ लोगों में इससे UTI का खतरा बढ़ने के साथ पेशाब पूरी तरह खाली न होने जैसी दिक्कत भी हो सकती है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 25 August 2026, 9:04 AM IST

New Delhi: काम, सफर, स्कूल-कॉलेज या आसपास साफ टॉयलेट न मिलने के कारण कई लोग पेशाब की इच्छा को काफी देर तक नजरअंदाज (Holding Urine Side Effects) कर देते हैं। कभी-कभार ऐसा होना आम बात हो सकती है, लेकिन अगर यह रोज की आदत बन जाए तो परेशानी खड़ी हो सकती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, बार-बार पेशाब रोकने की आदत ब्लैडर की सामान्य कार्यप्रणाली पर असर डाल सकती है और कुछ लोगों में यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी UTI का खतरा भी बढ़ सकता है।

सबसे पहले समझें शरीर का ये सिस्टम

हमारी किडनी खून को फिल्टर करके अतिरिक्त पानी और शरीर के अपशिष्ट पदार्थों को पेशाब के जरिए बाहर निकालती है। यह पेशाब ब्लैडर में जमा होता है। जब ब्लैडर भरने लगता है तो दिमाग को संकेत मिलता है कि अब टॉयलेट जाने की जरूरत है।

यही संकेत शरीर का सामान्य तरीका है। लेकिन जब कोई व्यक्ति बार-बार इस जरूरत को दबाता रहता है, तो ब्लैडर पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। एक रिपोर्ट के अनुसार, नियमित रूप से पेशाब रोकना (Holding Urine Side Effects) ब्लैडर की मांसपेशियों को प्रभावित कर सकता है और ब्लैडर को पूरी तरह खाली करने में परेशानी हो सकती है।

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UTI का बढ़ सकता है खतरा

पेशाब को लंबे समय तक रोककर रखने से ब्लैडर में पेशाब ज्यादा देर तक मौजूद रह सकता है। ऐसे में कुछ परिस्थितियों में बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका मिल सकता है और UTI का जोखिम बढ़ सकता है। UTI होने पर पेशाब करते समय जलन, बार-बार या तेज पेशाब लगना, निचले पेट में दर्द या असहजता और कभी-कभी पेशाब का धुंधला, बदबूदार या खून मिला दिखाई देना जैसे लक्षण हो सकते हैं।

ब्लैडर को भी झेलना पड़ सकता है दबाव

अगर कोई व्यक्ति लगातार पेशाब की इच्छा को टालता रहे, तो समय के साथ ब्लैडर की मांसपेशियों पर असर पड़ सकता है। कुछ मामलों में ब्लैडर को पूरी तरह खाली करना मुश्किल हो सकता है। इसके बाद पेशाब करने के बाद भी ऐसा महसूस हो सकता है कि अभी कुछ पेशाब अंदर रह गया है।

हालांकि, पेशाब पूरी तरह खाली न होने की समस्या सिर्फ पेशाब रोकने (Holding Urine Side Effects) की आदत से ही हो, यह जरूरी नहीं है। इसके पीछे ब्लैडर की कमजोरी, पेशाब की नली में रुकावट, संक्रमण, कुछ दवाएं या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

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पानी कम पीना भी समाधान नहीं

कुछ लोग टॉयलेट जाने की परेशानी से बचने के लिए पानी पीना ही कम कर देते हैं। ऐसा करना सही तरीका नहीं है। शरीर को जरूरत के मुताबिक पानी मिलना जरूरी है और पेशाब की इच्छा होने पर सुविधानुसार टॉयलेट जाना बेहतर माना जाता है। NIDDK भी नियमित रूप से पेशाब रोकने से बचने और ब्लैडर की जरूरतों पर ध्यान देने की सलाह देता है।

कब डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी?

अगर पेशाब करते समय तेज दर्द या जलन हो, बार-बार UTI हो रहा हो, पेशाब में खून दिखाई दे, पेशाब शुरू करने में परेशानी हो या बार-बार ऐसा लगे कि ब्लैडर पूरी तरह खाली नहीं हुआ, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अगर पेशाब बिल्कुल नहीं हो पा रहा हो और साथ में तेज निचले पेट का दर्द हो, तो यह गंभीर स्थिति हो सकती है और तुरंत चिकित्सा सहायता की जरूरत होती है।

Location :  New Delhi

Published :  25 August 2026, 9:04 AM IST