
दिल्ली से वाराणसी तक चलेगी बुलेट ट्रेन (Img: AI Generated Image)
Lucknow: भारत में हाई स्पीड रेल का सपना अब तेजी से हकीकत बनता दिख रहा है। मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के बाद अब दिल्ली-वाराणसी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर पर काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली से वाराणसी तक का सफर पहले की तुलना में कई गुना तेज हो जाएगा।
सबसे खास बात यह है कि इस प्रोजेक्ट का सबसे ज्यादा फायदा उत्तर प्रदेश को मिलने वाला है। राज्य के कई बड़े शहर और धार्मिक केंद्र सीधे बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जुड़ेंगे, जिससे यात्रा, व्यापार और पर्यटन को नई रफ्तार मिलेगी।
अभी दिल्ली से वाराणसी तक पहुंचने में सुपरफास्ट ट्रेनों को भी 11 से 12 घंटे लग जाते हैं। लेकिन बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद यह दूरी महज 3.5 से 4 घंटे में तय की जा सकेगी। इसी तरह दिल्ली से लखनऊ का सफर करीब 2 घंटे में पूरा होगा, जबकि दिल्ली से आगरा पहुंचने में एक घंटे से भी कम समय लगेगा। इससे लाखों यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा।
दिल्ली-वाराणसी हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई करीब 865 किलोमीटर बताई जा रही है। इस रूट पर उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण शहरों को जोड़ा जाएगा। प्रस्तावित स्टेशनों में नोएडा, जेवर, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, कन्नौज क्षेत्र, लखनऊ, रायबरेली, प्रयागराज, भदोही और वाराणसी शामिल हैं। इसके अलावा अयोध्या को जोड़ने के लिए अलग स्पर लाइन की भी योजना तैयार की जा रही है।
यानी आने वाले समय में दिल्ली से सीधे अयोध्या तक बुलेट ट्रेन से सफर करना भी संभव हो सकता है।
इस परियोजना का बड़ा लाभ नोएडा और जेवर इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिलने वाला है। नोएडा क्षेत्र में दो स्टेशन प्रस्तावित हैं। एक शहर के भीतर और दूसरा जेवर एयरपोर्ट के पास। इससे एयरपोर्ट तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा। साथ ही यमुना एक्सप्रेसवे क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।
यह बुलेट ट्रेन कॉरिडोर देश के कई बड़े धार्मिक और पर्यटन स्थलों को एक साथ जोड़ने का काम करेगा। आगरा का ताजमहल, मथुरा-वृंदावन, अयोध्या का राम मंदिर, प्रयागराज का संगम और वाराणसी का काशी विश्वनाथ धाम एक ही हाई स्पीड नेटवर्क का हिस्सा बनेंगे। इससे देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को काफी सुविधा मिलेगी और पर्यटन उद्योग को नई ताकत मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह सिर्फ एक रेल परियोजना नहीं बल्कि आर्थिक विकास का बड़ा माध्यम भी बन सकती है। जिन शहरों में स्टेशन बनेंगे, वहां नए होटल, मॉल, ऑफिस कॉम्प्लेक्स और बिजनेस हब विकसित होने की संभावना है।इसके अलावा निर्माण कार्य से लेकर संचालन तक लाखों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय कारोबारियों और छोटे व्यापारियों को भी फायदा होगा।
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परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए कई जिलों में सर्वे का काम जारी है। आधुनिक तकनीकों की मदद से रूट का अध्ययन किया जा रहा है। इसके साथ ही जमीन अधिग्रहण और सामाजिक प्रभाव आकलन जैसी प्रक्रियाएं भी आगे बढ़ रही हैं। सरकार और संबंधित एजेंसियां कोशिश कर रही हैं कि परियोजना तय समय में आगे बढ़ सके।
बुलेट ट्रेन को लेकर सबसे बड़ा सवाल किराए का होता है। इसे ध्यान में रखते हुए रेलवे की ओर से स्टेशन एरिया डेवलपमेंट मॉडल पर काम किया जा रहा है। योजना है कि स्टेशनों के आसपास बनने वाले मॉल, दुकानें, ऑफिस और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों से होने वाली आय का इस्तेमाल किया जाए। इससे यात्रियों पर किराए का बोझ कम रखा जा सकेगा।
Location : Lucknow
Published : 18 June 2026, 1:13 PM IST