
कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक और अन्य सॉफ्ट ड्रिंक्स कितना हो सकता है आपके लिए खतरनाक (Image Source: freepik)
Health Update: भीषण गर्मी के बीच लोग राहत पाने के लिए कोल्ड ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक और अन्य सॉफ्ट ड्रिंक्स का खूब सेवन कर रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि यह आदत धीरे-धीरे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। विशेष रूप से लिवर और पाचन तंत्र पर इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में रोजाना बड़ी संख्या में ऐसे मरीज पहुंच रहे हैं जो पेट और लिवर संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के अनुसार प्रतिदिन 60 से 70 मरीज पेट दर्द, गैस, एसिडिटी, अपच और फैटी लिवर जैसी समस्याओं के साथ अस्पताल पहुंच रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि खानपान की खराब आदतों के साथ-साथ सॉफ्ट ड्रिंक्स का अत्यधिक सेवन भी इसकी एक बड़ी वजह बन रहा है।
मेडिसिन विभाग के डॉ. प्रभात अग्रवाल के अनुसार अधिकांश कोल्ड और सॉफ्ट ड्रिंक्स में अत्यधिक कैलोरी और शुगर होती है, जबकि पोषण लगभग नहीं के बराबर होता है। लगातार सेवन से शरीर में अतिरिक्त वसा जमा होने लगती है, जिसका असर लिवर पर पड़ता है। यही कारण है कि फैटी लिवर जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं।
डॉक्टरों के अनुसार यदि शरीर में निम्न लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए—
ये संकेत लिवर या पाचन तंत्र से जुड़ी शुरुआती समस्याओं की ओर इशारा कर सकते हैं।
जिन लोगों को पहले से गैस, एसिडिटी या पाचन संबंधी परेशानी है, उन्हें कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से दूरी बनानी चाहिए। इन पेय पदार्थों से पेट में एसिड का स्तर बढ़ सकता है और कुछ मामलों में अल्सर जैसी गंभीर समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।
आधार कार्ड अपडेट नियम में बड़ा बदलाव, जानें क्या कहता है नया नियम?
डॉक्टर लाह देते हैं कि कोल्ड ड्रिंक्स का सबसे बड़ा खतरा सिर्फ उनमें मौजूद शुगर नहीं है, बल्कि "लिक्विड कैलोरी" है। जब कोई व्यक्ति कोल्ड ड्रिंक पीता है तो उसे पेट भरने का एहसास नहीं होता, लेकिन शरीर में बड़ी मात्रा में कैलोरी पहुंच जाती है। यही वजह है कि कई लोग सामान्य भोजन के साथ कोल्ड ड्रिंक लेने के कारण जरूरत से कहीं अधिक कैलोरी ग्रहण कर लेते हैं। लंबे समय तक यह आदत फैटी लिवर, मोटापा, इंसुलिन रेजिस्टेंस और मेटाबॉलिक सिंड्रोम जैसी समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि कोल्ड ड्रिंक की जगह नींबू पानी, छाछ, नारियल पानी या सादा पानी बेहतर विकल्प हो सकते हैं।
Location : New Delhi
Published : 17 June 2026, 1:23 PM IST