
डिबार केंद्रों की सूची पहले होगी जारी (Img: Pinterest)
Lucknow: यूपी बोर्ड की वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियों को लेकर केंद्र निर्धारण कार्यक्रम में बदलाव किया गया है। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने संशोधित समय-सारिणी जारी करते हुए बताया है कि परीक्षा केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया 24 सितंबर से शुरू होकर 29 अक्तूबर 2026 तक चलेगी। बोर्ड का लक्ष्य नकल पर प्रभावी रोक लगाने के साथ परीक्षा की पारदर्शिता और शुचिता बनाए रखना है।
संशोधित कार्यक्रम के अनुसार चयनित परीक्षा केंद्रों की प्रारंभिक सूची 21 सितंबर को जारी की जाएगी। इसके बाद 23 सितंबर को डिबार किए गए परीक्षा केंद्रों की सूची सार्वजनिक की जाएगी। इस बार डिबार केंद्रों की सूची पहले जारी करना प्रक्रिया का अहम बदलाव है। परीक्षा केंद्रों को लेकर स्कूल और अन्य संबंधित पक्ष 28 सितंबर तक ऑनलाइन आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
प्राप्त आपत्तियों की जांच और निस्तारण जिला विद्यालय निरीक्षकों की ओर से 8 अक्तूबर तक किया जाएगा। इसके बाद 17 अक्तूबर को संशोधित परीक्षा केंद्रों की सूची वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। यदि किसी केंद्र पर तय मानक से अधिक परीक्षार्थियों के आवंटन को लेकर आपत्ति है तो उसे 22 अक्तूबर तक ऑनलाइन दर्ज कराया जा सकेगा। सभी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद 29 अक्तूबर 2026 को परीक्षा केंद्रों की अंतिम सूची जारी कर दी जाएगी।
बरेली में UP Board के 2 और CBSE के 7 केंद्रों पर परीक्षा, नकल रोकने के सख्त इंतजाम
क्षेत्रीय अपर सचिव भास्कर मिश्रा के मुताबिक विद्यालयों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपनी आधारभूत सूचनाएं ऑनलाइन अपलोड करनी होंगी। इससे पहले विद्यालयों के भौतिक सत्यापन की अंतिम तिथि 3 सितंबर निर्धारित की गई है, जबकि सत्यापित आख्या को वेबसाइट पर अपलोड करने की समय सीमा 12 सितंबर रखी गई है।
यूपी बोर्ड इस बार हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा की कॉपियों के ऑनलाइन मूल्यांकन की व्यवस्था को आगे बढ़ा रहा है। वर्ष 2026 की परीक्षा में वाराणसी, प्रयागराज, मेरठ, बरेली और गोरखपुर में प्रयोग के तौर पर कॉपियों का ऑनलाइन मूल्यांकन कराया गया था। बोर्ड के अनुसार यह प्रयोग सफल रहा और इसका सकारात्मक असर परिणाम जारी करने की गति पर भी पड़ा।
पिछली परीक्षा में बोर्ड की परीक्षा प्रक्रिया करीब 15 दिनों में पूरी हुई थी। अब वर्ष 2027 की परीक्षा के लिए भी इसी तरह की व्यवस्थाओं को मजबूत करने की तैयारी है। ऑनलाइन मूल्यांकन के जरिए मूल्यांकन प्रक्रिया को तेज और अधिक पारदर्शी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
हाईस्कूल स्तर पर विज्ञान और गृह विज्ञान विषय की परीक्षा व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब इन विषयों में स्कूल स्तर पर होने वाला आंतरिक मूल्यांकन समाप्त कर परिषद की ओर से प्रयोगात्मक परीक्षा कराई जाएगी। दोनों विषयों में परीक्षार्थियों के लिए 30 अंकों की प्रायोगिक परीक्षा परिषद द्वारा आयोजित की जाएगी।
प्रयोगात्मक परीक्षा के बाद विद्यार्थियों को प्राप्त अंक और ग्रेड उनके अंतिम अंकपत्र-सह-प्रमाणपत्र में दर्ज किए जाएंगे। बोर्ड के इस बदलाव का उद्देश्य मूल्यांकन प्रक्रिया को एक समान और व्यवस्थित बनाना है।
Location : Lucknow
Published : 12 September 2026, 2:38 PM IST