हिंदी
JEE एडवांस्ड 2026 17 मई को होने जा रही है। IIT रुड़की इसका आयोजन करेगा। रजिस्ट्रेशन 23 अप्रैल से 2 मई तक, दोनों पेपर अनिवार्य, टाई ब्रेक और नेगेटिव मार्किंग के नियम समझना जरूरी।
छात्रों की तैयारी पर पड़ सकता है नया असर (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: देशभर के लाखों इंजीनियरिंग छात्र इस साल JEE एडवांस्ड 2026 की तैयारी में जुट गए हैं। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) रुड़की द्वारा आयोजित यह परीक्षा 17 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। JEE मेन 2026 के अच्छे प्रदर्शन के आधार पर करीब 2.5 लाख छात्र इस प्रतिष्ठित परीक्षा में शामिल होंगे।
हर साल की तरह इस बार भी JEE मेन में बेहतर प्रदर्शन करने वाले ही JEE एडवांस्ड के लिए योग्य होंगे। अलग-अलग वर्गों के लिए चुने जाने वाले छात्रों की संख्या पहले ही तय हो चुकी है। हालांकि, पिछले वर्षों के ट्रेंड को देखें तो कुल उम्मीदवारों की संख्या कभी-कभी 2.5 लाख से थोड़ी ज्यादा हो सकती है। इसका कारण है छात्रों के अंकों में बराबरी, जिसे टाई की स्थिति कहा जाता है।
टाई होने पर रैंक तय करने के लिए कुछ नियम अपनाए जाते हैं। सबसे पहले यह देखा जाता है कि किस छात्र के पॉजिटिव अंक ज्यादा हैं, क्योंकि JEE एडवांस्ड में नेगेटिव मार्किंग भी होती है। अगर पॉजिटिव अंक भी बराबर हों, तो पहले गणित के अंक, फिर फिजिक्स के अंक देखे जाते हैं। इसके बाद भी यदि स्कोर समान रहता है, तो छात्रों को एक ही रैंक दी जाती है।
पिछले वर्षों की बात करें तो 2024 में लगभग 2,50,284 छात्र JEE एडवांस्ड में शामिल हुए थे, जबकि 2025 में यह संख्या थोड़ी घटकर 2,50,236 रही। 2025 में कटऑफ थोड़ा कम गया था, जिससे कुछ छात्रों को फायदा हुआ। इस साल भी छात्रों की उम्मीदें तैयारियों के आधार पर IIT में दाखिले की राह को आसान बनाने की हैं।
JEE एडवांस्ड 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन 23 अप्रैल 2026 से शुरू होंगे और 2 मई 2026 तक चलेंगे। योग्य उम्मीदवार इस दौरान ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। परीक्षा दो शिफ्ट में आयोजित की जाएगी: पहली शिफ्ट सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक। दोनों पेपर सभी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य हैं। किसी एक पेपर में गैरहाजिर रहने पर छात्र को रैंक नहीं दी जाएगी।
JEE एडवांस्ड में बैठने के लिए उम्मीदवार की जन्म तिथि 1 अक्टूबर 2001 या उसके बाद की होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के छात्रों को नियमानुसार उम्र में छूट दी जाती है। इसके अलावा, कोई भी छात्र परीक्षा केवल दो बार ही दे सकता है और वह भी लगातार दो वर्षों में। यानी अगर किसी छात्र ने पहले ही दो बार JEE एडवांस्ड दिया है, तो उसे दोबारा मौका नहीं मिलेगा।
Top Trending News of the Day: एक मिनट में देखें इस समय की बड़ी और ट्रेंडिंग खबरें
इस बार परीक्षा में बैठने वाले छात्रों के लिए तैयारी, समय प्रबंधन और शॉर्टलिस्टिंग रणनीति बेहद महत्वपूर्ण होगी। टाई ब्रेक नियम और नेगेटिव मार्किंग के कारण सही सवालों का चयन परीक्षा में सफलता की कुंजी साबित हो सकता है।
छात्रों को सलाह दी जाती है कि रजिस्ट्रेशन समय पर करें, दोनों शिफ्ट के पेपर की तैयारी पूरी करें और परीक्षा से पहले नियमों और महत्वपूर्ण तारीखों को अच्छी तरह समझ लें। सही तैयारी, ध्यान और संयम से इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता पाई जा सकती है और IIT में दाखिले का सपना साकार हो सकता है।
No related posts found.