टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर आठ मुकाबले में गुरुवार को होने वाले मैच में भारत को जिम्बाब्वे के खिलाफ हर हाल में जीतना होगा। हेड टू हेड में बढ़त के बावजूद चुनौती आसान नहीं होगी। मजबूत शुरुआत, बीच के ओवरों में विकेट और बेहतर नेट रन रेट ही सेमीफाइनल की राह खोल सकते हैं।

भारत बनाम ज़िम्बाब्वे (Image Source: Google)
New Delhi: टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर आठ चरण में भारत और जिम्बाब्वे के बीच कल गुरुवार को होने वाला मुकाबला दोनों टीमों के लिए करो या मरो जैसा होने वाला है। सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को हर हाल में जीत दर्ज करनी ही होगी। कागज पर मजबूत दिखने के बावजूद जिम्बाब्वे की चुनौती आसान नहीं है, इसलिए रणनीति, रन रेट और दबाव झेलने की क्षमता इस मैच का परिणाम तय करेगी।
टी20 इंटरनेशनल में भारत और जिम्बाब्वे के बीच अब तक 13 मुकाबले खेले गए हैं जिनमें भारत ने 10 और जिम्बाब्वे ने तीन मैच जीते हैं। रिकॉर्ड भारत के पक्ष में जरूर है लेकिन हाल के वर्षों में जिम्बाब्वे ने बड़े उलटफेर किए हैं और यही वजह है कि यह मुकाबला औपचारिक नहीं माना जा सकता।
सुपर आठ के पहले मैच में हार के बाद दोनों टीमों के लिए यह मुकाबला बेहद अहम हो गया है। भारत ग्रुप ए में शीर्ष पर रहकर अगले दौर में पहुंचा था जबकि जिम्बाब्वे ने ग्रुप बी में शानदार प्रदर्शन किया था। ऐसे में आत्मविश्वास के स्तर पर जिम्बाब्वे को हल्के में लेना भारत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
कल के मैच में भारत की नजर बड़ी जीत पर (Image Source: Google)
भारत को इस मैच में शुरुआत से ही आक्रामक लेकिन नियंत्रित क्रिकेट खेलना होगा। पावरप्ले में तेज रन बनाने से दबाव जिम्बाब्वे पर जाएगा और भारतीय बल्लेबाजों को बड़े स्कोर की नींव रखने का मौका मिलेगा। अगर शीर्ष क्रम लंबी साझेदारी करता है तो मैच का रुख शुरुआती ओवरों में ही बदल सकता है।
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मिडिल ओवर्स में स्पिन आक्रमण भारत की सबसे बड़ी ताकत बन सकता है। जिम्बाब्वे की बल्लेबाजी बीच के ओवरों में अक्सर धीमी पड़ती है और यही वह समय है जब विकेट निकालकर रन गति पर रोक लगाई जा सकती है। डेथ ओवर्स में सटीक गेंदबाजी बेहद जरूरी होगी क्योंकि पिछले मुकाबले में यही चरण भारत के लिए कमजोर साबित हुआ था। फील्डिंग भी इस मैच में निर्णायक भूमिका निभाएगी। बड़े टूर्नामेंट में एक कैच या रन आउट मैच का नतीजा तय कर देता है और भारत को इस मोर्चे पर कोई गलती नहीं करनी होगी।
भारत के लिए सिर्फ जीत काफी नहीं होगी बल्कि बड़े अंतर से जीत दर्ज करना भी जरूरी होगा ताकि नेट रन रेट में सुधार हो सके। इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी तभी अंतिम चार में पहुंचने की उम्मीद मजबूत होगी। अगर दक्षिण अफ्रीका अपने दोनों मुकाबले जीत लेती है तो समीकरण सरल हो जाएगा लेकिन उसके एक मैच हारने की स्थिति में तीन टीमों के समान अंक हो सकते हैं और फैसला नेट रन रेट से होगा।
जिम्बाब्वे ने ग्रुप बी में शानदार प्रदर्शन किया था (Image Source: Google)
भारत के पास अनुभव, गहराई और बड़े मैचों का दबाव झेलने की क्षमता है जबकि जिम्बाब्वे के पास युवा जोश और निडर क्रिकेट का फायदा है। ऐसे में जो टीम परिस्थितियों को बेहतर ढंग से संभालेगी वही मुकाबला अपने नाम करेगी। भारत अगर अपने मजबूत पक्षों का सही उपयोग करता है और गलतियों से बचता है तो सेमीफाइनल का टिकट अभी भी उसकी पहुंच में है।