ईरान द्वारा अमेरिकी प्रस्ताव ठुकराए जाने के बाद तनाव और बढ़ गया है। व्हाइट हाउस ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि डोनाल्ड ट्रंप मध्य पूर्व में शांति के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। मिसाइल हमले तेज हो गए हैं और कई देशों में नुकसान की खबरें सामने आ रही हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Image Source: Google )
New Delhi: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तेज होता नजर आ रहा है। ईरान द्वारा अमेरिकी प्रस्ताव को ठुकराने के बाद व्हाइट हाउस ने कड़े शब्दों में चेतावनी जारी की है। प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शांति बहाल करने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि अगर ईरान ने युद्ध समाप्त करने के समझौते को स्वीकार नहीं किया, तो उसे पहले से कहीं ज्यादा कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। लीविट ने यह भी दोहराया कि ट्रंप की चेतावनियां सिर्फ बयानबाजी नहीं हैं, बल्कि अमेरिका हर स्तर पर जवाब देने के लिए तैयार है।
इस बीच जमीनी हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, खाड़ी देशों की ओर ईरानी हमले बढ़ गए हैं। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पांच मिसाइल और 17 ड्रोन को इंटरसेप्ट करने का दावा किया है। वहीं, सऊदी अरब ने भी कई ड्रोन मार गिराने की पुष्टि की है।
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कुवैत में मिसाइल मलबा गिरने से बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई, जबकि बहरीन में एक सैनिक की मौत की खबर सामने आई है। इतना ही नहीं, बहरीन में स्थित एक बड़े डेटा सेंटर को भी नुकसान पहुंचा है, जिससे क्लाउड सेवाएं प्रभावित हुई हैं। इन घटनाओं ने पूरे क्षेत्र में डर और अनिश्चितता का माहौल पैदा कर दिया है। आम नागरिकों के साथ-साथ रणनीतिक संस्थानों पर भी खतरा बढ़ गया है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का असर अब इराक में भी साफ दिखने लगा है। सूत्रों के अनुसार, इराक के इर्बिल में पेशमरगा बलों पर ईरानी मिसाइल हमलों में छह लड़ाके मारे गए और 30 घायल हुए।
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इसके जवाब में अन्बार में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) के ठिकानों पर अमेरिकी-इजरायली हमले किए गए, जिसमें 15 लड़ाकों की मौत हो गई। इन हमलों के बाद इराक के प्रधानमंत्री शिया अल-सूडानी ने आपात बैठक बुलाई है।