अमेरिका भी हुआ भारतीय सेना का मुरीद! M777 तोप की छुट्टी कर अपनी सेना में शामिल करेगा K9 वज्र

चीन की चुनौती और यूक्रेन युद्ध के अनुभवों को देखते हुए अमेरिकी सेना अपनी पुरानी M777 तोपों की जगह दक्षिण कोरिया की शक्तिशाली K9 तोप शामिल करने जा रही है। भारत पहले से ही K9 वज्र का इस्तेमाल कर रहा है। पढ़ें अमेरिका के इस बड़े रक्षा सौदे की पूरी रिपोर्ट

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 19 August 2026, 3:18 PM IST

Washington: चीन की बढ़ती सैन्य आक्रामकता और यूक्रेन में चल रहे युद्ध के आधुनिक तौर-तरीकों को देखते हुए अमेरिकी सेना ने अपनी मारक क्षमता में क्रांतिकारी बदलाव का फैसला किया है।

अब तक भारतीय सेना की पहली पसंद रही दक्षिण कोरिया की शक्तिशाली 'K9 तोप' पर अमेरिकी सेना का भी दिल आ गया है। अमेरिका अब अपनी पुरानी और पारंपरिक M777 तोपों को हटाकर K9 मोबाइल तोप को अपने बेड़े में शामिल करने की तैयारी कर रहा है।

4 साल तक चलेगा K9 तोप का कड़ा परीक्षण

अमेरिकी सेना ने अपने 'मोबाइल टैक्टिकल कैनन प्रोग्राम' के तहत K9 तोप का चयन किया है। इसके लिए दक्षिण कोरियाई कंपनी 'हनव्हा डिफेंस' (Hanwha Defense) अमेरिकी सैनिकों को परीक्षण के लिए 18 प्रोटोटाइप उपलब्ध कराएगी।

अमेरिकी सैनिक अगले चार वर्षों तक विभिन्न और विषम परिस्थितियों में इन तोपों का कड़ा ट्रायल करेंगे। अगर यह परीक्षण हर पैमाने पर सफल रहता है, तो अमेरिकी आर्टिलरी बेड़े का पूरी तरह से कायाकल्प हो जाएगा।

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M777 के मुकाबले क्यों ज्यादा घातक है K9 तोप?

तकनीकी और मारक क्षमता के मामले में K9 तोप अमेरिकी M777 तोप से काफी आगे है। जहाँ पुरानी M777 तोप को किसी अन्य भारी गाड़ी से खींचकर (टो करके) ले जाना पड़ता है, वहीं K9 तोप स्व-संचालित (Self-propelled) है और इसके पहियों के साथ इस पर मजबूत सुरक्षा कवच लगा होता है।

K9 तोप की अधिकतम मारक दूरी 60 किलोमीटर है, जबकि M777 केवल 32 किलोमीटर तक ही वार कर सकती है। इसके अलावा, K9 तोप में हमेशा 40 राउंड गोले तैनात रहते हैं और इसका K10 रीलोडिंग वाहन युद्ध के मैदान में बेहद तेजी से बारूद की आपूर्ति करता है।

चीन सीमा पर भारत पहले से लगा रहा है बड़ा दांव

भारत इस मामले में पहले से ही काफी आगे है। भारतीय सेना राजस्थान के थार रेगिस्तान से लेकर लद्दाख की बर्फ़ीली चोटियों तक K9 तोप का उपयोग कर रही है, जिसे भारत में 'K9 वज्र' के नाम से जाना जाता है। भारत में इसका निर्माण एलएंडटी (L&T) कंपनी गुजरात में कर रही है।

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भारत के पास फिलहाल 100 ऐसी तोपें तैनात हैं, जबकि 100 अन्य का निर्माण जारी है। भारतीय सेना 300 और तोपों का ऑर्डर देने पर विचार कर रही है, जिससे भारत के पास K9 वज्र की कुल संख्या 500 तक पहुँच जाएगी। अब अमेरिका भी भारत के इसी सफल मॉडल को दोहराने जा रहा है।

Location :  Washington

Published :  19 August 2026, 3:18 PM IST