
ईरान-अमेरिका टकराव (फोटो: X)
New Delhi: मध्य-पूर्व युद्ध ने अब एक नया मोड़ ले लिया है, अमेरिका और ईरान के दरमियान पिछले कुछ दिनों से हलचल तेज हो गई है, और इसका नतीजा यह हुआ कि, ईरान ने अगले आदेश तक दोबारा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को बंद करने का ऐलान किया है। इस बात के सामने आते ही कुछ घंटो बाद अमेरिका ने ईरान के कई सेन्य ठिकानों और रणनीतिक इलाकों पर एक बार फिर हमला बोल दिया है। अब देखना यह होगा कि इस बढ़ती जंग से दुनिया की ऑयल व गैस सप्लाई के लेकर क्या नई मुसीबत सामने आती है।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने बयान दिया है, कि एक जहाज ने समुद्री मार्ग के नियमों का पालन नहीं किया और अपने नेविगेशन सिल्टम भी बंद कर दिए थे। जहाज को चेतावनी दिए जाने के बाद भी रास्ता न बदलने पर, अंत में उसे निशना गया। IRGC का दावा है कि कई अन्य जहाजों ने भी बिना मंजूरी वाले रास्तों से गुजरने की कोशिश की थी, इसके बाद ईरान ने पूरे होर्मुज स्ट्रेट को अगले आदेश तक बंद करने के फैसला लिया।
ईरान ने यह साफ चेतावनी दी है कि जब तक अमेरिका अपनी दखल देना बंद नहीं करता, तब तक स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज नहीं खुलेगा। इसके साथ ईरान पर चल रही सैन्य करवाई यदि जारी रहती है तो पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों और उसके सहयोगी देशों के सैन्य अड्डों को भी निशाना बनाया जाएगा।
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ईरान के इस बयान के बाद अमेरिका ने अपनी जवाबी कार्रवाई में तेजी ला दी है। अमेरिकी सेना ने रविवार को ईरान के कई सैन्य ठिकानों, आईआरजीसी से जुड़े ठिकानों और दक्षिणी इलाकों में स्थित रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना चुका था। ईरान पर आरोप लगाते हुए अमेरिका ने कहा कि इस हफ्ते कतर और सऊदी अरब के तीन करोबारी टैंकरों पर हमले करवाए, उसके बाद ही जवाब दिया गया।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने यह साफ किया कि इस हफ्ते ईरान के खिलाफ तीसरे दौर की सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिका का दावा है कि यह हमला ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के माध्यम से स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजर रहे साइप्रस के झंडे वाले कंटेनर जहाज M/V GFS Galaxy पर किए हमले के जवाब में किया गया। इसके बाद जहाज में खतरनाक आग लगी और इंजन रूम को काफी नुकसान पंहुचा और चालक दल का एक सदस्य लापता हो गया है, नुकसान इतना भारा हुआ कि जहाज अपना यात्रा पूरी नहीं कर सका।
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पाकिस्तान ओमान और कत्तर के बीच शांति बनाने की कोशिश में लगा हुआ है। इसके साथ ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ओमान पहुंचे, जहां होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर ओमानी अधिकारियों के साथ बातचीत हुई। इस बातचीत में ओमान ने ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत दक्षिणी समुद्री कॉरिडोर से जहाजों को स्वतंत्र रूप से गुजरने दिया जाए, जबकि ईरान के जलक्षेत्र वाले उत्तरी मार्ग से गुजरने के लिए पहले से इजाजत लेनी होगी। इसके साथ ही ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्ला मोजतबा खामेनेई ने भी अपने पहले संदेश में पूर्व सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत का बदला लेनी की कसम खा ली है उन्होंने काफी भावुक बयान दिए है। अब देखना यह होगा कि यह हालात कब सुधरेगें और दुनिया में होर्मुज स्ट्रेट को लेकर, राजनीति अपना रूख किस ओर ले जाती है।
ईरान द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने के ऐलान के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव बेहद खतरनाक होता जा रहा है, इसका असर भारत पर देखने को मिल सकता है। भारत अपनी ऊर्जा (गैस और तेल) की आवश्कताओं के लिए इस रूट पर बहुत ज्यादा निर्भर रहा है। हालांकि हाल ही में हुए अस्थाई संघर्ष विराम और सरकार के एक्शन के कारण स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन फिर से बढ़े तनाव ने भारत की चिंताएं बढ़ा दी हैं। इसका असर रसोई गैस से लेकर ईधन के ऊपर गंभीर संकट मडंरा रहा है। अभी समझौते की बात से कुछ हालात सुधरे ही थे कि दोबारा उसी हालातों में भारत आ सकता है। पेट्रोल पंप के कर्मचारियों से बात करते हुए, यह मालूम हुआ कि कुछ हफ्तों पहले ही पेट्रोल भरवाने को लेकर लगे नियमों को पूरी तरह से हटाया गया था। अब देखते है आने वाले समय में क्या नियम व कानून लागू होते है।
Location : New Delhi
Published : 12 July 2026, 11:18 AM IST
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