Nepal Flood: मौत के मुंह से वापसी; 10 दिन तक सुरंग में फंसे मजदूरों को सेना ने जिंदा बाहर निकाला

नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा के बीच एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने मुश्किल हालात में उम्मीद जगा दी है। कई दिनों से जारी राहत और बचाव अभियान के बीच एक जगह से मिली जानकारी ने सुरक्षा टीमों को सक्रिय कर दिया। इसके बाद बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 4 September 2026, 1:29 PM IST

New Delhi: नेपाल में भीषण बाढ़ के 10 दिन बाद त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग से दो मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। दोनों मजदूर कई दिनों तक सुरंग के अंदर फंसे रहे। बचाव दल को जब उनकी आवाज सुनाई दी तो उम्मीद जगी। इसके बाद सेना और सुरक्षा बलों ने अभियान तेज कर दोनों को बाहर निकाल लिया।

10 दिन तक सुरंग में फंसे रहे मजदूर

बाढ़ की भयावह तबाही के बीच दो मजदूरों का जिंदा बचना नेपाल के लिए राहत की बड़ी खबर है। त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना की सुरंग में फंसे 45 वर्षीय कबीर महारजन और 30 वर्षीय संजय साह को शुक्रवार को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

कबीर महारजन परियोजना में मैकेनिकल सुपरवाइजर के पद पर काम करते हैं, जबकि संजय साह फोरमैन के तौर पर तैनात थे। दोनों कई दिनों तक सुरंग के अंदर कठिन परिस्थितियों में जिंदगी बचाने की कोशिश करते रहे।

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बाढ़ का पानी सुरंग में घुसने से फंसे

दरअसल, 26 अगस्त को रसुवा इलाके में भोटेकोशी नदी में अचानक बाढ़ आ गई थी। तेज पानी के साथ सुरंग के अंदर भी पानी भर गया और बाहर निकलने का रास्ता बंद हो गया।इसके बाद दोनों मजदूर सुरंग के अंदर फंस गए। कई दिनों तक उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई। परिजनों और बचाव दल के लिए यह चिंता का बड़ा कारण बना हुआ था।

नेपाली सेना का बचाव अभियान (Img: X)

आवाज सुनते ही बचाव दल की बढ़ी उम्मीद

नेपाल सेना के नेतृत्व में सुरक्षा बलों की टीमें लगातार सुरंग के अंदर दोनों मजदूरों की तलाश कर रही थीं। बचाव अभियान में विशेष उपकरणों की मदद भी ली गई। शुक्रवार को अभियान के दौरान बचावकर्मियों को सुरंग के भीतर से लोगों की आवाज सुनाई दी।

आवाज सुनते ही टीम को भरोसा हुआ कि अंदर कोई जिंदा है। बचावकर्मियों ने अंदर मौजूद लोगों से कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है और उन्हें बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है। अंदर से जवाब मिलने के बाद बचाव अभियान और तेज कर दिया गया।

सेना और सशस्त्र पुलिस ने संभाला मोर्चा

मजदूरों तक पहुंचने के लिए नेपाल सेना और सशस्त्र पुलिस बल की टीमें सुरंग के अंदर गईं। टीमों ने रास्ते को सुरक्षित बनाने और मजदूरों तक पहुंचने के लिए लगातार काम किया।कई घंटे की कोशिश के बाद दोनों मजदूरों को सुरंग से बाहर निकाल लिया गया। उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के साथ उनकी स्वास्थ्य स्थिति की भी जांच की गई।

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बाढ़ ने नेपाल में मचाई भारी तबाही

मजदूरों के बचाव की खबर ऐसे समय आई है, जब नेपाल बाढ़ की बड़ी त्रासदी से गुजर रहा है। 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने कई इलाकों में भारी नुकसान पहुंचाया। रिपोर्ट के अनुसार, नेपाल पुलिस ने अब तक 1,290 लोगों की मौत की जानकारी दी है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। बाढ़ से उत्तरी और मध्य नेपाल के कई शहरों और गांवों में जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

मलबा खिसकने के बाद बिगड़े हालात

बताया गया है कि बाढ़ की शुरुआत नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों का बड़ा मलबा खिसकने के बाद हुई। इसके बाद नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा और आसपास के इलाकों में पानी फैल गया।

कई सड़कें और रास्ते प्रभावित हुए, जिससे राहत और बचाव कार्य में भी मुश्किलें आईं। ऐसे हालात में 10 दिन बाद सुरंग से दो मजदूरों का जिंदा निकलना लोगों के लिए बड़ी राहत और उम्मीद की खबर बनकर सामने आया है।

Location :  New Delhi

Published :  4 September 2026, 1:29 PM IST