
प्रतीकात्मक छवि(फोटो सोर्स- इंटरनेट)
New Delhi: देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर उठ रही चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य है और किसी भी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, देशभर में एलपीजी, पेट्रोल और डीजल की पर्याप्त उपलब्धता बनी हुई है और आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है।
मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 5 किलो वाले छोटे एलपीजी सिलेंडरों की मांग में हाल के दिनों में तेज बढ़ोतरी देखी गई है। 23 मार्च के बाद से इन सिलेंडरों की कुल बिक्री बढ़कर 14.3 लाख तक पहुंच गई है। पहले जहां इनकी औसत दैनिक बिक्री करीब 77 हजार थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 1.1 लाख प्रतिदिन हो गई है। इसे उपभोक्ताओं के बीच छोटे और किफायती विकल्प की बढ़ती लोकप्रियता के रूप में देखा जा रहा है।
एलपीजी वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल माध्यमों का उपयोग तेजी से बढ़ा है। मंत्रालय के अनुसार, ऑनलाइन एलपीजी बुकिंग का आंकड़ा 98 फीसदी तक पहुंच गया है। वहीं, उपभोक्ताओं के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मिलने वाले ऑथेंटिकेशन कोड के जरिए डिलीवरी भी करीब 92 फीसदी तक पहुंच गई है। इससे डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर गड़बड़ी और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिल रही है।
LPG सप्लाई हिली तो सरकार हुई सख्त, छोटे सिलेंडर की बिक्री में विस्तार, PNG से बदली पूरी तस्वीर
मार्च 2026 से अब तक करीब 4.4 लाख नए पीएनजी कनेक्शन सक्रिय किए जा चुके हैं। इसके साथ ही लगभग 4.88 लाख नए उपभोक्ताओं ने पीएनजी कनेक्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। उल्लेखनीय है कि 33 हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं ने ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर कर दिए हैं, जो शहरी क्षेत्रों में पाइप्ड गैस की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाता है।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की मांग भी मजबूत बनी हुई है। सोमवार को 19 किलो वाले सिलेंडरों की बिक्री 4.5 लाख से अधिक दर्ज की गई। 14 मार्च के बाद से इनकी कुल बिक्री 69.28 लाख से ज्यादा हो चुकी है। यह औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों में तेजी का संकेत माना जा रहा है।
एलपीजी की जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 232 डिस्ट्रीब्यूटरों पर जुर्माना लगाया है, जबकि 56 की डिस्ट्रीब्यूटरशिप सस्पेंड कर दी गई है। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं को सही समय पर और सही कीमत पर गैस उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई है।
LPG संकट के बीच बड़ा सवाल: क्या आपको मिलेगा 5 किलो ‘छोटू सिलेंडर’ या रह जाएंगे खाली हाथ?
मंत्रालय ने बताया कि देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर काम कर रही हैं और कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। घरेलू मांग को पूरा करने के लिए एलपीजी उत्पादन में भी वृद्धि की गई है, जिससे आपूर्ति पर कोई दबाव नहीं है।
Location : New Delhi
Published : 15 April 2026, 8:09 AM IST