साल 2025 में पाकिस्तान में अचानक बढ़े पलायन के पीछे क्या है वजह? सरकार की रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा

रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 2025 में 7.6 लाख से अधिक पाकिस्तानी रोजगार और बेहतर जीवन की तलाश में देश छोड़ गए। बेरोजगारी बढ़ी, कुशल पेशेवर भी पलायन कर रहे, जबकि रेमिटेंस अर्थव्यवस्था का सहारा बना।

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 1 February 2026, 2:20 PM IST

Islamabad: पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय की मंथली इकोनॉमिक अपडेट (जनवरी 2026) रिपोर्ट के मुताबिक, 2025 में 7.6 लाख से अधिक पाकिस्तानियों ने रोजगार की तलाश में देश छोड़ दिया। यह आंकड़ा देश में बढ़ते आर्थिक दबाव, सीमित रोजगार अवसर और बढ़ती महंगाई को उजागर करता है। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि एफडीआई और समग्र आर्थिक वृद्धि जैसे प्रमुख क्षेत्र कमजोर प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि विदेशी रेमिटेंस अर्थव्यवस्था का सबसे मजबूत सहारा बना हुआ है।

रेमिटेंस में तेजी, रोजगार की तलाश का संकेत

बिजनेस रिकॉर्डर की रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में पाकिस्तान में रेमिटेंस बढ़कर 19.7 अरब डॉलर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 10.6 प्रतिशत अधिक है। यह राशि एफडीआई से 23 गुना अधिक है और निर्यात आय से भी 4.2 अरब डॉलर अधिक रही। रेमिटेंस में यह तेज़ वृद्धि सीधे तौर पर बेहतर नौकरी, स्थिर आय और बेहतर जीवन स्थितियों की तलाश में विदेश जाने वाले पाकिस्तानियों की संख्या से जुड़ी है।

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पाकिस्तानी सरकार इसे सकारात्मक रूप में देख रही है क्योंकि रेमिटेंस से सालाना लगभग 40 अरब डॉलर की आमदनी हो रही है, जो विदेशी आय का सबसे बड़ा स्रोत बन गया है। हालांकि, रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि बड़े पैमाने पर हो रहा यह पलायन घरेलू आर्थिक हालात और श्रमिकों की गहरी असंतुष्टि को दर्शाता है।

बेरोज़गारी दर में उछाल, आर्थिक दबाव

रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान में बेरोजगारी दर 7.1 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो पिछले 21 वर्षों में सबसे उच्च स्तर है। बेरोज़गारी सभी आयु वर्गों, लिंगों और क्षेत्रों में बढ़ी है। बीते दो वर्षों में 15 लाख से अधिक लोग ठहरी हुई मजदूरी, सीमित रोजगार अवसर और बढ़ती महंगाई के कारण देश छोड़ चुके हैं।

कुशल पेशेवर भी छोड़ रहे देश

सबसे चिंताजनक यह है कि पलायन अब केवल खाड़ी देशों में जाने वाले अकुशल श्रमिकों तक सीमित नहीं है। डॉक्टर, इंजीनियर और आईटी पेशेवर बड़ी संख्या में पाकिस्तान छोड़ रहे हैं। इससे देश में ब्रेन ड्रेन की समस्या बढ़ रही है, जो पाकिस्तान की दीर्घकालिक आर्थिक क्षमता और नवाचार क्षमता को कमजोर कर सकती है।

आईटी क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि विदेश पलायन केवल उच्च वेतन के कारण नहीं हो रहा। सीमित करियर विकास, कमजोर शोध एवं नवाचार व्यवस्था और इंटरनेट नियंत्रण जैसी नीतियां पेशेवरों को विदेश जाने के लिए मजबूर कर रही हैं।

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विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रही, तो पाकिस्तान की मानव संसाधन गुणवत्ता और तकनीकी विकास क्षमता पर गंभीर असर पड़ेगा। आर्थिक अस्थिरता, उच्च बेरोजगारी और बढ़ती महंगाई जैसे मुद्दे युवा पेशेवरों और कुशल श्रमिकों को देश छोड़ने के लिए बाध्य कर रहे हैं।

Location : 
  • Islamabad

Published : 
  • 1 February 2026, 2:20 PM IST