
तेहरान की कड़ी शर्तों ने बढ़ाया तनाव (Img- Internet)
New Delhi: इस्लामाबाद में आज अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता होने जा रही है। दो हफ्ते के सीजफायर के बाद इसे स्थायी समझौते में बदलने के लिए दोनों देशों के प्रतिनिधि पाकिस्तान में मिलेंगे। हालांकि इस बातचीत में दोनों पक्षों के उद्देश्य अलग-अलग हैं। अमेरिका अपनी ही बादशाहत ही चाहता है, जबकि ईरान अपने रणनीतिक हितों पर जोर दे रहा है, जिससे वार्ता चुनौतीपूर्ण मानी जा रही है।
ऐसे में संभावित शांति वार्ता से पहले ईरान ने कई ऐसी सख्त शर्तें रख दी हैं, जिन्हें मानना अमेरिका के लिए आसान नहीं माना जा रहा। इन मांगों में क्षेत्रीय नियंत्रण, परमाणु अधिकार और प्रतिबंध हटाने जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं।
ईरान की सबसे बड़ी मांग यह है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण बना रहे। यह वही मार्ग है जिससे दुनिया के बड़े हिस्से की तेल आपूर्ति गुजरती है। ईरान का कहना है कि उसकी सुरक्षा और रणनीतिक हितों को देखते हुए इस क्षेत्र में उसका प्रभाव स्वीकार किया जाए।
ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसे यूरेनियम संवर्धन का अधिकार मिलना चाहिए। यह मुद्दा लंबे समय से विवाद का कारण रहा है। पश्चिमी देश आशंका जताते हैं कि इससे परमाणु हथियार बनाने की संभावना बढ़ सकती है, जबकि ईरान इसे ऊर्जा और वैज्ञानिक विकास का हिस्सा बताता है।
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ईरान ने अमेरिका से अपने सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने की मांग की है। उसका कहना है कि वर्षों से लगे प्रतिबंधों ने उसकी अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। साथ ही ईरान ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी अपने खिलाफ प्रस्ताव वापस लेने की बात कही है।
ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के कई प्रस्तावों को भी खारिज करने की मांग की है। उसका दावा है कि ये प्रस्ताव राजनीतिक रूप से प्रेरित हैं और उसकी संप्रभुता पर सवाल उठाते हैं।
ईरान ने यह भी कहा है कि पिछले संघर्षों में हुए नुकसान की भरपाई की जाए। साथ ही लेबनान और अन्य मोर्चों पर चल रहे सैन्य तनाव को तुरंत रोका जाए। यह मांग क्षेत्रीय शांति के लिए महत्वपूर्ण बताई जा रही है।
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इन कड़ी शर्तों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन शर्तों पर सहमति नहीं बनती, तो पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है और वैश्विक ऊर्जा बाजार भी प्रभावित हो सकता है।
Location : New Delhi
Published : 11 April 2026, 1:02 PM IST