
सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई (Image Source: Internet)
New Delhi: अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी तनाव अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। पाकिस्तान में होने वाली संभावित अंतिम युद्धविराम वार्ता से ठीक पहले ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई ने स्पष्ट कर दिया है कि उनका देश किसी भी दबाव में अपने अधिकारों से समझौता नहीं करेगा।
खामेनेई ने अपने बयान में कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन यदि देश पर हमला होता है तो जवाब भी दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि जो ताकतें ईरान के खिलाफ खड़ी हैं, उन्हें उनके कृत्यों का हिसाब देना होगा। उनके इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि वार्ता आसान नहीं रहने वाली।
आज पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली इस महत्वपूर्ण वार्ता को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इस्लामाबाद को लगभग पूरी तरह से सील कर दिया गया है और स्कूलों तक को बंद कर दिया गया है।
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यह बैठक दोनों देशों के बीच युद्धविराम को लेकर अहम मानी जा रही है। हाल के दिनों में क्षेत्र में बढ़ते तनाव, खासकर खाड़ी देशों और लेबनान में जारी घटनाओं ने हालात को और जटिल बना दिया है। हालांकि इजरायल द्वारा बातचीत की इच्छा जताने के बाद उम्मीदें फिर से जगी हैं।
पाकिस्तान इस वार्ता को अपनी कूटनीतिक परीक्षा के तौर पर देख रहा है, क्योंकि इस बैठक के नतीजे पूरे क्षेत्र की स्थिरता को प्रभावित कर सकते हैं।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच कुछ अहम मुद्दों पर सहमति बन सकती है, लेकिन कई बिंदुओं पर मतभेद भी बने हुए हैं। माना जा रहा है कि ईरान परमाणु हथियारों को लेकर नरम रुख अपना सकता है, लेकिन अपनी मिसाइल शक्ति और सैन्य क्षमताओं पर कोई समझौता नहीं करेगा।
इसके अलावा, लेबनान, हिज्बुल्लाह और हूतियों को लेकर भी ईरान अपनी नीति में बदलाव के मूड में नहीं दिख रहा है। बदले में ईरान अमेरिका से सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने की मांग कर सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी दोनों देशों के बीच संभावित साझेदारी की चर्चा है, जिससे आर्थिक लाभ उठाया जा सकता है। हालांकि यह अभी सिर्फ अटकलें हैं और अंतिम फैसला वार्ता के बाद ही सामने आएगा।
Location : New Delhi
Published : 10 April 2026, 1:55 AM IST