ईरान-अमेरिका शांति समझौता: होर्मुज जलडमरूमध्य से कैसे गुजरेंगे जहाज, क्या देना होगा टोल? जानिए नए नियम

अमेरिका-ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता। होर्मुज स्ट्रेट से बिना टोल टैक्स के गुजरेंगे जहाज, लेकिन लेना होगा नया प्रशासनिक क्लियरेंस। ईरान से हटेंगे सभी प्रतिबंध, मिलेगा $300B का फंड।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 19 June 2026, 9:05 AM IST

Tehran: अमेरिका और ईरान के बीच महीनों से चले आ रहे भीषण तनाव और सैन्य संघर्ष को समाप्त करने के लिए आखिरकार गुरुवार को एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर कर दिए गए हैं। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच सीजफायर (युद्धविराम) को बढ़ाना और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) से वाणिज्यिक जहाजों का आवागमन फिर से सुरक्षित रूप से शुरू करना है। इस डील के बाद वैश्विक व्यापार और समुद्री सुरक्षा को लेकर नए नियम तय किए गए हैं।

क्या होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों को देना होगा टोल?

इस ऐतिहासिक समझौते के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा था कि क्या होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को कोई टैक्स या टोल फीस चुकानी होगी? ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के बयान ने इस स्थिति को पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। काउंसिल के मुताबिक, कम से कम फाइनल एग्रीमेंट पर हस्ताक्षर होने से पहले (अगले 60 दिनों तक) होर्मुज से गुजरने वाले किसी भी वाणिज्यिक जहाज को कोई फीस या टोल नहीं देना होगा। यह पूरी प्रक्रिया दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित MoU के क्लॉज़ नंबर पांच के तहत तय की गई है।

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ये हैं जहाजों की आवाजाही के नए नियम

भले ही जहाजों को होर्मुज से गुजरने के लिए कोई टोल टैक्स न देना पड़े, लेकिन उन्हें एक नई प्रशासनिक प्रक्रिया का पालन करना होगा। नए नियमों के तहत, सभी जहाजों को 'पर्शियन गल्फ़ स्ट्रेट एडमिनिस्ट्रेशन' नामक नवनिर्मित प्रशासन को एक औपचारिक अनुरोध (Request) भेजना होगा। इस प्रशासन को ही जहाजों के अनुरोधों को प्रोसेस करने, उन्हें सुरक्षित रास्ता दिखाने (Guidance) और स्ट्रेट पार करने के लिए अंतिम क्लियरेंस देने का काम सौंपा गया है। इस व्यवस्था के जरिए ईरान पहले दिन से ही होर्मुज स्ट्रेट पर अपने नियंत्रण और प्रशासनिक प्रभाव को स्थापित कर रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियान के बीच 14 सूत्रीय समझौता

इस ऐतिहासिक समझौते पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने हस्ताक्षर किए हैं। इस 14 सूत्रीय समझौते के तहत लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तुरंत और हमेशा के लिए रोकने का संकल्प लिया गया है। समझौते के तहत अमेरिका, ईरान के खिलाफ की गई नौसेना की नाकेबंदी को 30 दिनों के भीतर चरणबद्ध तरीके से हटा लेगा। इसके बदले में ईरान अगले 30 दिनों के भीतर समुद्र से बारूदी सुरंगों को हटाएगा और फारस की खाड़ी से ओमान सागर तक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करेगा।

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प्रतिबंधों से मुक्ति और 300 बिलियन डॉलर का फंड

इस डील के तहत अमेरिका ने ईरान पर लगे सभी आर्थिक और व्यापारिक प्रतिबंधों को हटाने का वादा किया है, जिससे ईरान अब पूरी दुनिया को खुलकर अपना कच्चा तेल बेच सकेगा। इसके अलावा, अमेरिका ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर कम से कम 300 बिलियन डॉलर का एक म्यूचुअल प्लान तैयार कर रहा है। साथ ही, ईरान की विदेशों में फ्रीज की गई अरबों डॉलर की संपत्तियों और फंड को भी पूरी तरह बहाल कर दिया जाएगा। बदले में, ईरान ने एक बार फिर प्रतिबद्धता जताई है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।

Location :  Tehran

Published :  19 June 2026, 9:05 AM IST