
विरोध प्रदर्शन (Image Source: Pinterest)
New Delhi: ईरान के मध्य शहर इस्फहान में 25 वर्षीय प्रदर्शनकारी अलीरेजा सेपाही को 5 अक्टूबर की सुबह फांसी दे दी गई। मौत से ठीक पहले उनके वकील ने फोन पर उनकी मंगेतर 22 वर्षीय महशाद काशानी से शादी की रस्म पूरी कराई। महशाद भी विरोध प्रदर्शनों के सिलसिले में जेल में बंद थीं।
सेपाही को जनवरी में हुए विरोध प्रदर्शनों के कुछ दिनों बाद 10 जनवरी को उनकी मां के साथ गिरफ्तार किया गया था। उनकी मां को पांच साल की सजा सुनाई गई है। अधिकारियों के अनुसार, सेपाही को अलीखानी स्क्वायर पर हुए प्रदर्शनों के मामले में दोषी ठहराया गया था। इन प्रदर्शनों में चार पुलिस अधिकारियों की मौत हुई थी।
ईरान की मिजान एजेंसी के मुताबिक, सेपाही को एक हथियारबंद गुट का सदस्य होने और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने का दोषी पाया गया था। हालांकि, मानवाधिकार संगठनों ने उनके मुकदमे की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। अब्दोररहमान बोरूमंद सेंटर के अनुसार, बचाव पक्ष के कुछ अहम सबूतों को नजरअंदाज किया गया, जिसमें कथित तौर पर वह फुटेज भी शामिल था, जिससे पता चलता था कि घटना के समय सेपाही उस इलाके में मौजूद नहीं थे।
सेपाही को 28 जुलाई को सार्वजनिक रूप से फांसी दी जानी थी। इससे पहले उन्हें जेल में दिल का दौरा पड़ा और अस्पताल ले जाना पड़ा। ठीक होने के बाद वह जेल लौटे और लगातार फांसी के डर में रहे। इससे पहले 19 जुलाई को दो अन्य लोगों को जेल में फांसी दी गई थी।
नॉर्वे स्थित ईरान ह्यूमन राइट्स के अनुसार, जनवरी के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े मामलों में अब तक 34 लोगों को फांसी दी जा चुकी है। ये प्रदर्शन 8 और 9 जनवरी को चरम पर पहुंचे थे। मानवाधिकार संगठनों का दावा है कि सरकार की कार्रवाई में बड़ी संख्या में लोग मारे गए और इंटरनेट भी बंद किया गया था।
फांसी से पहले सेपाही के रिश्तेदारों को आखिरी मुलाकात के लिए बुलाया गया था। इसी दौरान उनके वकील ने दूसरी जेल में बंद महशाद से ऑडियो कॉल की व्यवस्था की। दोनों के पिता की सहमति से फोन पर शादी की धार्मिक रस्म पूरी हुई। अधिकारियों ने आमने-सामने शादी की अनुमति नहीं दी।
फांसी के बाद भी परिवार की मुश्किलें खत्म नहीं हुईं। जानकारी के अनुसार, सेपाही का शव दफनाने के लिए इस्फहान नहीं भेजा गया, बल्कि करीब 200 किलोमीटर दूर काशान ले जाया गया।
Location : Iran
Published : 8 October 2026, 2:46 PM IST