इजरायल ने ऐलान किया है कि अब वह ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाएगा। आखिर इजरायल को क्यों खटक रही हैं ईरान की मिसाइलें ? क्या ईरान के मिसाइल भंडारों को ध्वस्त करने में उसे सफलता मिल पाएगी ? ये कुछ ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब अभी मिलना मुश्किल है।

ईरान के मिसाइल ठिकानों पर हमलें की योजना (Img- Internet)
Tehran: अमेरिका- इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग के छठे दिन भी ईरान ने इजरायल पर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी हैं। इजरायल के तेल अवीव को ईरानी मिसाइलें बुरी तरह दहला चुकी हैं। ईरानी मिसाइलों के अचूक निशाने से अमेरिका भी भयभीत है। मिडिल-ईस्ट को ईरानी मिसाइलों ने धुआं-धुआं कर डाला है।
लिहाजा अब इजरायल और अमेरिका हर ओर से ईरान को घेरने की रणनीति बना रहे हैं। इजरायल इस मूड में है कि ईरान के मिसाइल ऑपरेटिंग ठिकानों पर हमला कर दिया जाए। इजरायल ने इस बारे में ऐलान भी कर दिया है।
ईरान तेल इजरायल के तेल अवीव में अपने मिसाइल अटैक से खौफ पैदा कर चुका है। उसकी कई मिसाइलें एक साथ शहर के अलग-अलग हिस्सों में गिरी। इससे जोरदार धमाके हुए और आग की भीषण लपटें भड़क उठी। मिसाइल अटैक से तेल अवीव के आसमान में काले धुएं के गुबार उठते दिखाई दिए। हमले के दौरान पूरे शहर में लगातार सायरन बजते रहे।
लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों और बंकरों में जाने की सलाह दी गई। ईरान ने इजरायल पर एक साथ अलग-अलग हिस्सों में मिसाइलें दागीं, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। तेल अवीव के किरिया इलाके को भी निशाना बनाया गया, जहां इजरायल का रक्षा मंत्रालय है।
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ईरान ने दावा किया है कि उसके डिफेंस सिस्टम ने अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15 को मार गिराया है। ईरान ने तो यहां तक दावा किया कि उसकी मिसाइलें अमेरिका के महत्वपूर्ण युद्धपोतअब्राहम लिंकन पर भी गिरी हैं। इजरायल और मिडिल ईस्ट में ईरान की मिसाइलें आगे भी रुकने वाली नहीं हैं, ऐसे में इजरायल और अमेरिका का टेंशन बढ़ता जा रहा है।
युद्ध की लेटेस्ट तस्वीर (Img- Internet)
दरअसल, इन दोनों देशों ने सोचा था कि ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद ईरान की असंतुष्ट जनता सड़कों पर उतर जाएगी और वहां जनता खुद नई सरका बना लेगी। अमेरिका की ओर से ईरानी जनता का आह्वान भी किया गया कि वह सत्ता अपने हाथों में ले।
अमेरिका ने ईरानी सेना को भी धमकी दी कि वह समर्पण कर दे। समर्पण करने वाले सैनिकों को माफी दी जाएगी, लेकिन खामनेई की मौत के बाद ईरान हतोत्साहित नहीं हुआ, बल्कि ईरानी सेना ने कमान संभाल ली और ऐसा पलटवार किया कि जिसका अमेरिका और इजरायल तो क्या, शायद पूरी दुनिया को अंदाजा नहीं था।
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ईरान के पलटवार में सबसे अधिक कारगर ईरान की मिसाइलें हुई हैं। जानकारों का मानना है कि ईरान के पास मिसाइलों का पर्याप्त भंडार है। वह इन्हीं मिसाइलों की बदौलत पलटवार में सफल हो रहा है। यही वजह है कि अब इजरायल की खास योजना ईरान के मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाने की है।