ईरान-इजरायल युद्ध के बीच ईरान की अर्थव्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। यहाँ 1 किलो चावल की कीमत 20 लाख रियाल और दाल की कीमत 35 लाख रियाल के पार पहुँच चुकी है। आखिर क्यों और कैसे बुनियादी राशन की कीमतें करोड़ों में पहुँच गईं? पढ़ें इस आर्थिक तबाही की पूरी कहानी..

ईरान: दाल-चावल के रेट (source:google)
New Delhi: युद्ध के बादलों और कड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के बीच ईरान इस समय अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक दौर से गुजर रहा है। देश में महंगाई इस कदर बढ़ गई है कि रोजमर्रा की खाने-पीने की चीजें अब आम जनता की पहुंच से बाहर होती जा रही हैं।
बाजार में सब्जी से लेकर अनाज तक, हर चीज के दाम कई गुना बढ़ चुके हैं। ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, मध्यम और गरीब वर्ग के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।
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ईरान के बाजारों से जो कीमतें सामने आ रही हैं, वे कल्पना से परे हैं। देश की गिरती मुद्रा 'ईरानी रियाल' की वजह से कीमतों में यह भयानक उछाल आया है:
चावल: 1 किलो चावल की कीमत अब 15 लाख से 20 लाख ईरानी रियाल तक पहुंच गई है।
दाल: दाल की कीमतें और भी डरावनी हैं, यहां 1 किलो दाल के लिए लोगों को 25 लाख से 35 लाख रियाल तक चुकाने पड़ रहे हैं। मुद्रा की वैल्यू कम होने और आयात महंगा होने के कारण बाजार में सामान की भी भारी किल्लत देखी जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजरायल के साथ बढ़ते सैन्य तनाव ने ईरान की कमर तोड़ दी है। आर्थिक प्रतिबंधों के कारण विदेशी मुद्रा का संकट पैदा हो गया है, जिससे बेरोजगारी और महंगाई दोनों बेलगाम हो गए हैं।
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मध्यमवर्गीय परिवारों का बजट पूरी तरह बिगड़ चुका है। लोग अब अपनी बुनियादी जरूरतों में भी कटौती करने को मजबूर हैं। सरकार के लिए इन बेकाबू कीमतों पर लगाम लगाना फिलहाल नामुमकिन नजर आ रहा है।
बता दें कि ईरान और इजरायल के बीच छिड़ा यह भीषण युद्ध अब अपने चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए दोनों ही पक्षों की ओर से युद्धविराम के कोई भी संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। इसके विपरीत, दोनों देशों की तरफ से लगातार आक्रामक प्रतिक्रियाएं और हमले देखने को मिल रहे हैं। सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुख बरकरार रहा, तो आने वाले दिनों में स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है।