
IRGC के पूर्व कमांडर मोहम्मद पकपूर (Img: Google)
Tehran: ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव और युद्ध के बीच, ईरान ने मिलिट्री कमांड को लेकर बड़ा ऐलान किया है। देश के सुप्रीम लीडर ने जनरल अहमद वाहिदी को इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) का नया कमांडर-इन-चीफ अपॉइंट किया है। यह पूर्व कमांडर मोहम्मद पकपूर की मौत के बाद हुआ है, जिससे IRGC को नए लीडरशिप की जरूरत है। वाहिदी के अपॉइंटमेंट से रीजनल मिलिट्री स्ट्रेटेजी और वॉर ऑपरेशन में बदलाव की संभावना बढ़ गई है, जिससे मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है।
वहीं दूसरी तरफ, देश के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन के बाद उनके बड़े बेटे मोजतबा खामनेई को नया सुप्रीम लीडर चुने जाने की घोषणा की गई है। सरकारी मीडिया के अनुसार, 28 फरवरी को तेहरान में हुए हवाई हमलों के दौरान खामेनेई के दफ्तर को निशाना बनाया गया, जिसमें 86 वर्षीय नेता की मृत्यु हो गई।
ईरानी टीवी और आधिकारिक समाचार एजेंसी ने बताया कि यह हमला संवेदनशील सरकारी ठिकानों पर केंद्रित था। घटना के बाद पूरे देश में 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टी की घोषणा की गई है। राजधानी तेहरान सहित कई शहरों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
हालांकि मोजतबा ने कभी कोई बड़ा सरकारी पद नहीं संभाला, लेकिन वे सेना और अर्धसैनिक बलों के साथ मजबूत संबंध रखते थे। उनके पिता पर भरोसा और पर्दे के पीछे निर्णायक भूमिका निभाने के अनुभव ने उन्हें नए नेतृत्व के लिए सबसे उपयुक्त माना गया।
साल 2009 के विरोध प्रदर्शनों के दौरान मोजतबा का नाम चर्चा में आया था। आरोप था कि उन्होंने प्रदर्शनकारियों को सख्ती से दबाने में भूमिका निभाई। उनके सुप्रीम लीडर बनने के बाद राजनीतिक बहस शुरू हो गई है, क्योंकि 1979 की ईरानी क्रांति के समय वंशवाद के आधार पर सत्ता हस्तांतरण पर विवाद हुआ था।
Location : Tehran
Published : 1 March 2026, 8:42 AM IST