
भारत ने नौसेना को किया तैनात (Image Source: Google)
New Delhi: मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच भारत ने अपने ऊर्जा हितों की सुरक्षा के लिए बड़ा कदम उठाया है। भारतीय नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास भारतीय ईंधन और एलपीजी टैंकरों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अरब सागर और ओमान की खाड़ी में अतिरिक्त युद्धपोत तैनात कर दिए हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, नौसेना ने आधा दर्जन से अधिक युद्धपोत, जिनमें रसद सहायता देने वाले जहाज भी शामिल हैं, इस क्षेत्र में भेजे हैं। इनका उद्देश्य भारतीय जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान करना और उन्हें जोखिम वाले क्षेत्रों से बाहर निकालना है।
भारतीय नौसेना के युद्धपोत होर्मुज जलडमरूमध्य के संवेदनशील हिस्से में प्रवेश नहीं करेंगे, बल्कि उसके पूर्वी हिस्से में तैनात रहकर भारतीय जहाजों को सुरक्षित जलक्षेत्र तक एस्कॉर्ट करेंगे। इनका मुख्य काम भारतीय टैंकरों की निगरानी करना और जरूरत पड़ने पर तुरंत सहायता उपलब्ध कराना है।
हाल ही में भारत ने दो सरकारी एलपीजी टैंकर शिवालिक और नंदा देवी को सुरक्षित तरीके से इस जलडमरूमध्य से पार कराया है। इसके अलावा, कई अन्य जहाज अभी भी इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और सुरक्षित निकासी का इंतजार कर रहे हैं।
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होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में तेल और गैस की आपूर्ति होती है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर काफी हद तक निर्भर है। देश के करीब 90 प्रतिशत एलपीजी आयात और 40 से 50 प्रतिशत कच्चा तेल इसी रास्ते से आता है।
हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है, जिससे व्यावसायिक जहाजों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ऐसे में भारत के लिए अपने टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी हो गया है।
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भारतीय नौसेना की यह तैनाती ऑपरेशन संकल्प के तहत की जा रही है, जो 2019 से खाड़ी क्षेत्र में भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए चलाया जा रहा है। वर्तमान में 22 से अधिक भारतीय जहाज इस क्षेत्र में मौजूद हैं, जिनकी सुरक्षा और निगरानी नौसेना द्वारा की जा रही है।
भारत ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में स्वतंत्र नीति अपनाएगा और किसी भी बाहरी दबाव में आकर निर्णय नहीं लेगा। विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत विभिन्न देशों और हितधारकों के साथ लगातार संपर्क में है ताकि स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला जा सके। भारत का यह कदम न केवल अपने नागरिकों और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने की दिशा में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
Location : New Delhi
Published : 19 March 2026, 6:07 AM IST
Topics : india energy security Indian Navy Deployment Strait of Hormuz Indian Navy Operation Sankalp Strait of Hormuz