
पीएम मोदी और इल्हाम अलीयेव की मुलाकात (Img: X)
New Delhi: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के बीच हुई बैठक से दोनों देशों के रिश्तों में सुधार की उम्मीदें जगी हैं। लंबे समय से चले आ रहे राजनयिक तनाव के बावजूद दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों और आपसी हित के मुद्दों पर चर्चा की।
भारत और अजरबैजान के बीच कोई सीधी टक्कर नहीं हुई है; हालांकि दोनों देशों की अलग-अलग रणनीतिक साझेदारियों के कारण रिश्ते तनावपूर्ण हो गए थे। अज़रबैजान पाकिस्तान के करीब रहा है, जबकि आर्मेनिया के साथ भारत के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं।
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'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान अजरबैजान के रुख से भारत नाराज था, क्योंकि उस समय अज़रबैजान ने पाकिस्तान का समर्थन किया था। अजरबैजान ने पाकिस्तान के खिलाफ भारत की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की थी। इसके विपरीत, नागोर्नो-काराबाख संघर्ष के दौरान पाकिस्तान और तुर्की ने अजरबैजान का समर्थन किया था।
'ऑपरेशन सिंदूर' के बाद, भारत ने SCO में अजरबैजान की पूर्ण सदस्यता के प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया। इसे अज़रबैजान के लिए एक बड़े राजनयिक झटके के तौर पर देखा गया। हालांकि, अब दोनों देश आपसी हितों के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।
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इस साल की शुरुआत में, लगभग चार साल के अंतराल के बाद भारत और अजरबैजान के विदेश मंत्रालयों के बीच बातचीत हुई। इसके बाद अजरबैजान ने ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को निकालने में मदद की। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति अलीयेव के बीच हुई बैठक को बदलते राजनयिक माहौल के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, दोनों देशों के बीच संबंधों का भविष्य किस दिशा में आगे बढ़ेगा यह देखना अभी बाकी है।
Location : New Delhi
Published : 2 September 2026, 4:41 PM IST