पाकिस्तान-चीन के छूटे पसीने: भारत ने चली ऐसी चाल, इंडोनेशिया को सौंप रहा दुश्मनों का सबसे बड़ा काल!

PM मोदी के इंडोनेशिया दौरे के बीच भारत ने ब्रह्मोस और 'अस्त्र' मिसाइल को लेकर ऐतिहासिक रक्षा समझौता किया है। दुनिया की सबसे तेज सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल की इस महाडील से वैश्विक डिफेंस मार्केट में भारत का डंका बजा है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 7 July 2026, 1:31 PM IST

New Delhi: भारत ने वैश्विक रक्षा बाजार (ग्लोबल डिफेंस मार्केट) में एक बार फिर अपनी ताकत का लोहा मनवाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा क्षेत्र में एक बेहद ऐतिहासिक और रणनीतिक करार हुआ है। इस महाडील के तहत भारत अब इंडोनेशिया को अपनी सबसे घातक और अचूक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें सौंपने जा रहा है।

यह वही महाविनाशक हथियार है जिसके नाम मात्र से पाकिस्तान और चीन जैसे दुश्मन देश थर-थर कांपते हैं। इस समझौते से न केवल भारत के दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ कूटनीतिक संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचेंगे, बल्कि भारत की घरेलू डिफेंस इंडस्ट्री और 'मेक इन इंडिया' अभियान को भी एक बहुत बड़ा बूस्ट मिलेगा।

दुश्मन का काल बनेगी भारत की 'अस्त्र' मिसाइल

इस ऐतिहासिक रक्षा समझौते की सबसे बड़ी बात यह है कि इंडोनेशिया अब भारत में ही पूरी तरह विकसित की गई 'अस्त्र' (Astra) एयर-टू-एयर मिसाइलें भी खरीदने जा रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की ओर से तैयार की गई 'अस्त्र' एक 'बियॉन्ड-विजुअल-रेंज' (BVR) मिसाइल है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आसमान में बहुत तेजी से अपनी दिशा बदलने वाले और चकमा देने वाले दुश्मन के लड़ाकू विमानों और ड्रोन्स को बेहद सटीकता से ट्रैक करके पल भर में नेस्तनाबूद कर देती है। इंडोनेशियाई वायुसेना में अस्त्र मिसाइलों के शामिल होने से उसकी हवाई ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।

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ब्रह्मोस की अतिरिक्त बैटरीज भी देगा भारत

इस द्विपक्षीय समझौते के तहत भारत द्वारा इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अतिरिक्त बैटरीज भी दिए जाने की पूरी संभावना है। यह बड़ी घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीन देशों के आधिकारिक दौरे के पहले चरण में हुई। इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने दोनों देशों के मजबूत होते रिश्तों पर खुशी जताते हुए कहा, "हमारे देशों के बीच लगातार बढ़ता कूटनीतिक भरोसा हमारे रक्षा, सुरक्षा और समुद्री सहयोग को नई मजबूती दे रहा है। आज हमने रक्षा आदान-प्रदान, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक सहयोग को बहुत बड़े स्तर पर बढ़ाने के लिए एक साझा समझौते पर सहमति व्यक्त की है।"

दुनिया की सबसे तेज और अचूक मिसाइल है ब्रह्मोस

ब्रह्मोस को वर्तमान समय में दुनिया की सबसे तेज और सबसे घातक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में शीर्ष स्थान प्राप्त है। यह मिसाइल अपनी बेजोड़ गति और मारक क्षमता के लिए जानी जाती है, जिसे जमीन, युद्धपोतों (समुद्र) और कुछ विशेष मामलों में लड़ाकू विमानों (हवाई प्लेटफॉर्म) से भी दागा जा सकता है।

साल 2023 के बाद इंडोनेशिया की अपनी पहली यात्रा पर पहुंचे पीएम मोदी ने इस रक्षा सौदे के जरिए चीन के बढ़ते प्रभाव वाले इस क्षेत्र में भारत की रणनीतिक मौजूदगी को और मजबूत कर दिया है। इस दौरे पर दोनों देशों के बीच रक्षा के अलावा समुद्री सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक निवेश जैसे गंभीर मुद्दों पर भी सघन चर्चा हुई है।

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ग्लोबल डिफेंस हब बनने की ओर भारत के कदम

ब्रह्मोस और 'अस्त्र' मिसाइलों की इस विशाल सप्लाई से भारत और इंडोनेशिया के सैन्य संबंध एक नए युग में प्रवेश कर चुके हैं। यह सौदा इस बात का जीता-जागता सबूत है कि भारत अब केवल दुनिया का सबसे बड़ा हथियार आयातक देश नहीं रहा, बल्कि वह एक प्रमुख रक्षा निर्यातक (डिफेंस एक्सपोर्टर) के रूप में तेजी से उभर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और स्वदेशी हथियारों के वैश्विक निर्यात को बढ़ाने की दिशा में मोदी सरकार की नीतियों का यह एक बेहद सफल और क्रांतिकारी परिणाम माना जा रहा है।

Location :  New Delhi

Published :  7 July 2026, 1:31 PM IST