FIFA World Cup 2026 से पहले बड़ा विवाद! अफ्रीका के शीर्ष रेफरी को अमेरिका ने एयरपोर्ट से लौटाया

फीफा वर्ल्ड कप 2026 से पहले अफ्रीका के शीर्ष रेफरी ओमर अर्टान को अमेरिका में प्रवेश नहीं मिला। वीजा और इमिग्रेशन नियमों को लेकर टूर्नामेंट की तैयारियों पर सवाल उठने लगे हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 9 June 2026, 7:48 PM IST

Miami: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के आगाज में अब कुछ ही दिन शेष हैं, लेकिन दुनिया के सबसे बड़े फुटबॉल टूर्नामेंट पर शुरुआत से पहले ही विवादों के बादल मंडराने लगे हैं। इस बार चर्चा मैदान पर खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि अमेरिका की इमिग्रेशन और वीजा नीतियों की हो रही है। मामला तब सुर्खियों में आया जब अफ्रीका के सबसे प्रतिष्ठित फुटबॉल रेफरी ओमर अब्दुलकादिर अर्टान को अमेरिका में प्रवेश की अनुमति नहीं मिली और उन्हें मियामी एयरपोर्ट से ही वापस भेज दिया गया।

 एयरपोर्ट पर रोके गए स्टार रेफरी

जानकारी के अनुसार, सोमालिया के रहने वाले ओमर अर्टान फीफा से जुड़े कार्यक्रमों के सिलसिले में अमेरिका पहुंचे थे। उनके पास राजनयिक पासपोर्ट भी था और वीजा प्रक्रिया पूरी करने में संबंधित अधिकारियों की मदद मिली थी। इसके बावजूद मियामी पहुंचते ही अमेरिकी अधिकारियों ने उन्हें देश में प्रवेश देने से इनकार कर दिया।

इस फैसले ने खेल जगत को चौंका दिया है, क्योंकि अर्टान को अफ्रीका के सबसे सम्मानित रेफरियों में गिना जाता है। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट और CAF चैंपियंस लीग के अहम मुकाबलों में रेफरी की भूमिका निभाई है।

 क्या ट्रैवल बैन बना वजह?

हालांकि अमेरिकी एजेंसियों ने इस मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि सोमालिया पर लागू सख्त यात्रा प्रतिबंध इसके पीछे की मुख्य वजह हो सकते हैं। अमेरिका लंबे समय से कुछ देशों के नागरिकों के प्रवेश को लेकर कठोर नियम लागू किए हुए है, जिसका असर अब खेल जगत पर भी दिखाई देने लगा है।

अंतरराष्ट्रीय मीडिया की भागीदारी पर पड़ा असर

वीजा और यात्रा संबंधी समस्याएं केवल अर्टान तक सीमित नहीं हैं। कई अफ्रीकी और ईरानी खेल पत्रकारों को भी अमेरिका का वीजा मिलने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ मामलों में आवेदन खारिज होने की भी खबरें सामने आई हैं। इससे टूर्नामेंट की कवरेज और अंतरराष्ट्रीय मीडिया की भागीदारी पर असर पड़ सकता है।

तीन देशों में टूर्नामेंट लेकिन वीजा बना चुनौती

वर्ल्ड कप 2026 अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में आयोजित हो रहा है। ऐसे में कई टीमों को एक देश से दूसरे देश में लगातार यात्रा करनी होगी। लेकिन सिंगल-एंट्री वीजा नियमों ने कई देशों की चिंताएं बढ़ा दी हैं। यदि कोई टीम एक बार अमेरिका से बाहर जाती है, तो दोबारा प्रवेश के लिए नई प्रक्रिया का सामना करना पड़ सकता है, जिसमें लंबा वक्त लग सकता है। वहीं ट्यूनिशिया की टीम को अपने पहले दो मैच मैक्सिको में खेलने हैं और फिर आखिरी ग्रुप मैच के लिए फौरन कंसास सिटी के लिए उड़ान भी भरनी है, जिससे खिलाड़ियों के थकने और वीजा में अटकलों का खतरा बना हुआ है।

फीफा पर बढ़ा दबाव

रेफरी, पत्रकारों और टीमों के सामने आ रही इन समस्याओं ने फीफा की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब फुटबॉल जगत की नजर इस बात पर है कि क्या फीफा और मेजबान देश मिलकर इन चुनौतियों का समाधान निकाल पाएंगे, ताकि दुनिया का सबसे बड़ा फुटबॉल महाकुंभ बिना किसी प्रशासनिक बाधा के सफलतापूर्वक आयोजित हो सके।

Location :  Miami

Published :  9 June 2026, 7:48 PM IST