
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट की चेतावनी (फोटो सोर्स- इंटरनेट)
Washington: मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई और तेज करने के संकेत दिए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने कहा है कि आज रात ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया जा सकता है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ईरान की मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करने के लिए बड़े स्तर पर अभियान चला रही है।
इस बीच United States और Israel की संयुक्त कार्रवाई के जवाब में Iran भी लगातार पलटवार कर रहा है, जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।
फॉक्स बिजनेस के कार्यक्रम 'कुडलो' में बातचीत के दौरान स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी प्रशासन ने ईरान के खिलाफ बड़े सैन्य अभियान की तैयारी कर ली है। उन्होंने कहा कि आज रात का बमबारी अभियान अब तक का सबसे बड़ा हो सकता है।
अमेरिका की बड़ी चेतावनी- ईरान पर आज रात होगा सबसे बड़ा हमला, 24 घंटे में खत्म होगी जंग
बेसेंट के अनुसार, इस अभियान का मुख्य लक्ष्य ईरान के मिसाइल लॉन्चर, मिसाइल निर्माण करने वाली फैक्ट्रियां और सैन्य बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना इस ऑपरेशन के जरिए ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी हद तक कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सैन्य रणनीति दो अलग-अलग मोर्चों पर प्रभावी ढंग से काम कर रही है और इससे ईरान पर लगातार दबाव बन रहा है।
स्कॉट बेसेंट ने कहा कि अमेरिकी अभियान अब तक काफी प्रभावी साबित हुआ है। उनके मुताबिक, ईरान इस समय दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है, जिससे उसकी स्थिति और कठिन हो गई है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना लगातार ईरान की मिसाइल क्षमता और रक्षा प्रणाली को निशाना बना रही है। इससे ईरान की सैन्य ताकत पर बड़ा असर पड़ रहा है और आने वाले दिनों में इसका प्रभाव और बढ़ सकता है।
बेसेंट ने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान की आक्रामक सैन्य क्षमता को कम करना और क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखना है।
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच वैश्विक तेल बाजार को संतुलित रखने के लिए अमेरिका ने एक अहम कदम उठाया है। वॉशिंगटन ने हाल ही में India को समुद्र में फंसे Russia के कच्चे तेल को खरीदने के लिए 30 दिनों की विशेष छूट दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का उद्देश्य वैश्विक तेल आपूर्ति को बनाए रखना और कीमतों में अचानक उछाल को रोकना है। ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष की वजह से तेल बाजार में अस्थिरता की आशंका पहले से ही बनी हुई है।
US-Iran तनाव के बीच भारत का बड़ा कदम, कोच्चि पोर्ट पर ईरानी जहाज को मिली शरण
स्कॉट बेसेंट ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका रूसी कच्चे तेल पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील देने पर विचार कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस समय प्रतिबंधित रूसी तेल के करोड़ों बैरल समुद्र में फंसे हुए हैं।
बेसेंट के अनुसार, यदि इन पर लगे प्रतिबंधों को आंशिक रूप से हटाया जाता है तो वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति बढ़ाई जा सकती है। इससे ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने में मदद मिल सकती है।
मध्य पूर्व में जारी तनाव और संभावित बड़े सैन्य हमले के बीच अब दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते टकराव पर टिकी हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह संकट वैश्विक राजनीति और तेल बाजार दोनों पर बड़ा असर डाल सकता है।
Location : Washington
Published : 7 March 2026, 11:41 AM IST