21 घंटे की बातचीत फेल! ईरान-अमेरिका में टकराव बढ़ा, जानें किस बात पर अटका मामला?

पाकिस्तान में 21 घंटे तक चली ईरान-अमेरिका शांति वार्ता बेनतीजा रही। होर्मुज स्ट्रेट खोलने और परमाणु कार्यक्रम पर दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी। अमेरिका बिना समझौते के लौट गया, जबकि ईरान ने शर्तों को बेहद सख्त बताया। हालात अब और तनावपूर्ण होते दिख रहे हैं।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 12 April 2026, 1:33 PM IST

New Delhi: तनाव, साजिश और अविश्वास के बीच पाकिस्तान में चली ईरान और अमेरिका की लंबी शांति वार्ता आखिरकार बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। करीब 21 घंटे तक चली इस मैराथन बातचीत में दोनों देशों के बीच मतभेद इतने गहरे रहे कि कोई रास्ता नहीं निकल सका। हालात ऐसे बने कि अमेरिका को खाली हाथ लौटना पड़ा, जिससे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।

अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस अपनी टीम के साथ वापस लौट गए। रवाना होने से पहले उन्होंने साफ कहा कि यह डील न होना ईरान के लिए ज्यादा नुकसानदायक साबित होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी समझौते की पहली शर्त यह है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की गारंटी दे, लेकिन ईरान इस पर तैयार नहीं हुआ।

होर्मुज स्ट्रेट और परमाणु मुद्दा बना सबसे बड़ा रोड़ा

सूत्रों के मुताबिक बातचीत का सबसे बड़ा पेंच होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर फंसा रहा। अमेरिका चाहता था कि इस अहम समुद्री रास्ते को तुरंत सुरक्षित किया जाए, जबकि ईरान ने इस पर कड़े रुख अपनाए रखा।

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इसी बीच अमेरिकी सेना ने इस इलाके में माइंस हटाने का अभियान भी शुरू कर दिया है। आरोप है कि ईरान ने इस समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाई हैं, जिससे वैश्विक व्यापार और तेल सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है।

इजराइल का सख्त रुख, लेबनान में जारी हमले

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई अभी खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब था, इसलिए यह कदम उठाना जरूरी था। उन्होंने दावा किया कि हमलों से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा है।

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वहीं लेबनान में भी हालात बिगड़ते जा रहे हैं। तुफाहता इलाके में हुए हमलों में 9 लोग घायल हुए हैं, जिनमें 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। इस बीच ईरानी संसद के स्पीकर गालिबाफ का भावुक संदेश भी सामने आया, जिसमें उन्होंने हमले में मारे गए बच्चों की तस्वीरें साथ रखीं।

आगे क्या?

हालांकि वेंस ने यह जरूर कहा कि बातचीत के दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं, लेकिन मौजूदा हालात संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में तनाव और गहराने वाला है। दुनिया की नजर अब इस बात पर टिकी है कि क्या दोनों देश फिर से बातचीत की टेबल पर लौटेंगे या हालात किसी बड़े टकराव की ओर बढ़ेंगे।

Location :  New Delhi

Published :  12 April 2026, 1:33 PM IST