पवन सिंह और ज्योति सिंह का तलाक केस सिर्फ एक घरेलू मामला नहीं रहा, बल्कि बयानबाज़ी, आरोप-प्रत्यारोप और फिल्मी दुनिया की पुरानी कहानियों के साथ एक बड़ा विवाद बन चुका है। चाचा अजीत सिंह के आरोप और अक्षरा सिंह के खुले समर्थन ने इस केस को और संवेदनशील बना दिया है।

अक्षरा सिंह और पवन सिंह
Mumbai: बिहार की सियासी और फिल्मी गलियों में एक बार फिर रिश्तों का खून होता दिख रहा है। प्यार, शादी और भरोसे के नाम पर शुरू हुई कहानी अब आरोपों, बयानबाज़ी और कोर्ट की तारीखों के बीच उलझ चुकी है। भोजपुरी स्टार पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह की शादीशुदा जिंदगी इस वक्त टूटन के सबसे खतरनाक मोड़ पर खड़ी है। तलाक का केस कोर्ट में है, फैसला कभी भी आ सकता है, और इसी बीच परिवार से लेकर इंडस्ट्री तक बयानबाज़ी का दौर तेज हो गया है।
तलाक की दहलीज़ पर रिश्ता
पवन सिंह अपनी पत्नी से अलग होने का मन बना चुके हैं। तलाक केस कोर्ट में चल रहा है और हर सुनवाई के साथ रिश्ते की डोर और कमजोर होती जा रही है। वहीं दूसरी तरफ ज्योति सिंह अब भी रिश्ते को बचाने की कोशिश कर रही हैं। परिवार, समाज और कानून के बीच फंसी ज्योति अपने हक की लड़ाई लड़ती दिख रही हैं, लेकिन हालात लगातार उनके खिलाफ जाते नजर आ रहे हैं।
चाचा-गुरु अजीत सिंह का बड़ा बयान
इसी बीच पवन सिंह के चाचा और गुरु अजीत सिंह ने ऐसा बयान दिया जिसने पूरे विवाद को और भड़का दिया। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि ज्योति सिंह को बर्बाद करने में अक्षरा सिंह का हाथ है। उनका कहना है कि अक्षरा की वजह से ही ज्योति और पवन के बीच दूरियां बढ़ीं और घर उजड़ गया। यह बयान सामने आते ही मामला सिर्फ पति-पत्नी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि एक बड़े सर्कल की लड़ाई बन गया।
अक्षरा सिंह का खुला समर्थन
अक्षरा सिंह शुरुआत से ही ज्योति सिंह के पक्ष में बोलती रही हैं। हाल ही में मीडिया से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि शादी के बाद पति की जिम्मेदारी बनती है कि वह पत्नी का सम्मान और हक दोनों निभाए। उन्होंने एलिमनी को लड़की का अधिकार बताया और कहा कि ज्योति अपनी जगह बिल्कुल सही हैं। यहां तक कि उन्होंने यह भी कहा कि 10 या 20 करोड़ ही नहीं, 100 करोड़ भी उस दर्द के सामने कम हैं, जो एक लड़की ने झेला है। उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और बहस और तेज हो गई।
प्यार से रंजिश तक की कहानी
एक वक्त था जब पवन सिंह और अक्षरा सिंह एक-दूसरे के बेहद करीब थे। दोनों बिना शादी किए पति-पत्नी की तरह रहते थे, हर काम में एक-दूसरे का साथ देते थे। लेकिन अचानक पवन सिंह ने अक्षरा को छोड़े बिना ज्योति सिंह से शादी कर ली। यहीं से रिश्तों की कहानी बिगड़ती चली गई। आज हालात ऐसे हैं कि पवन और अक्षरा एक-दूसरे का चेहरा देखना भी पसंद नहीं करते। जो प्यार कभी मिसाल था, वही अब रंजिश में बदल चुका है और कोर्ट की फाइलों में दर्ज हो गया है।