
लता मंगेशकर का गायन सफर (Source: Pinterest)
New Delhi: भारतीय सिनेमा ने पिछले कई दशकों में कई बदलाव देखे। फिल्मों का अंदाज बदला, संगीत की धुनें बदलीं, रिकॉर्डिंग का तरीका बदला और दर्शकों की पसंद भी लगातार बदलती रही। एक दौर में रेडियो पर गूंजने वाले गीत आए, फिर कैसेट और सीडी का समय आया और आज वही संगीत डिजिटल प्लेटफॉर्म और सोशल मीडिया तक पहुंच चुका है। इन तमाम बदलावों के बीच एक आवाज ऐसी रही, जिसकी पहचान कभी पुरानी नहीं पड़ी- लता मंगेशकर की।
लता मंगेशकर का गायन सफर उस दौर में शुरू हुआ, जब हिंदी सिनेमा का संगीत आज की तरह आधुनिक तकनीक पर निर्भर नहीं था। इसके बाद फिल्म संगीत ने कई दौर देखे। 1950 और 60 के दशक का संगीत, 70 और 80 के दशक की बदलती धुनें, 90 के दशक का नया अंदाज और फिर डिजिटल दौर-हर समय संगीत की पसंद में बदलाव आया।
लेकिन इन बदलावों के बीच लता की आवाज की अपनी अलग पहचान बनी रही। यही वजह रही कि अलग-अलग पीढ़ियों के कलाकारों और दर्शकों के बीच उनके गीत लगातार सुने जाते रहे।
लता की खासियत केवल उनकी आवाज नहीं थी, बल्कि अलग-अलग तरह के संगीत के साथ खुद को ढालने की क्षमता भी थी। कभी रोमांटिक गीत, कभी दर्द भरे नगमे, कभी भक्ति संगीत तो कभी देशभक्ति के गीत- उन्होंने अपनी गायकी के जरिए अलग-अलग भावों को आवाज दी।
फिल्मों में नायिकाओं की छवि बदलती रही। पर्दे पर नई अभिनेत्रियां आती रहीं, लेकिन कई मौकों पर उनकी आवाज के रूप में लता की पहचान कायम रही। इस तरह एक ही आवाज ने अलग-अलग दौर की फिल्मों और किरदारों के साथ अपना रिश्ता बनाया।
समय के साथ फिल्म इंडस्ट्री में कई नई गायिकाएं आईं। संगीत की शैली भी बदलती गई। तेज बीट, नए इंस्ट्रूमेंट और आधुनिक रिकॉर्डिंग तकनीक ने फिल्मों के संगीत को नया रूप दिया।
इसके बावजूद लता के पुराने गीत नई पीढ़ी तक पहुंचते रहे। रेडियो से लेकर कैसेट, सीडी, टीवी, यूट्यूब और दूसरे डिजिटल माध्यमों तक उनके गीतों का सफर जारी रहा। यही उनकी आवाज की सबसे बड़ी खासियत रही कि माध्यम बदलते गए, लेकिन सुनने वालों की पहचान वही बनी रही।
लता मंगेशकर की आवाज को किसी एक दशक या एक तरह के संगीत तक सीमित करना मुश्किल है। उनके गीतों में अलग-अलग समय की भावनाएं और सिनेमा की बदलती तस्वीर दिखाई देती है।
चार पीढ़ियों के संगीत सफर में बहुत कुछ बदला, लेकिन लता की आवाज की पहचान नहीं बदली। शायद यही वजह है कि आज भी उनका कोई गीत शुरू होते ही कई लोगों को गाने का नाम बताए बिना पता चल जाता है कि आवाज किसकी है।
लता मंगेशकर के लिए यही सबसे बड़ी विरासत है समय बदलता रहा, संगीत बदलता रहा, सुनने का तरीका बदलता रहा, लेकिन उनकी आवाज हर दौर में अपनी पहचान के साथ मौजूद रही।
Location : New Delhi
Published : 28 September 2026, 9:08 AM IST