
आधार-पैन बनवाने वाला मददगार गिरफ्तार (IMG: Dynamite News)
Raebareli: वीजा की अवधि खत्म होने के बाद भी भारत में रहने और भारतीय पहचान से जुड़े दस्तावेज बनवाने का मामला सामने आने से रायबरेली के सलोन में हड़कंप मच गया है। उज्बेकिस्तान की एक महिला के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। वहीं, पुलिस का आरोप है कि महिला को पनाह देने वाले राशिद ने उसकी मदद के नाम पर भारतीय निवास से जुड़े दस्तावेज तैयार करवाए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड, पैन कार्ड और एटीएम बनवाए जाने की बात भी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले में उज्बेकिस्तान की रहने वाली एक महिला के खिलाफ कार्रवाई की गई है। एफआईआर में महिला का नाम मदीना खोन निनोना और उसके पिता का नाम कखरामोन दर्ज बताया गया है। उसका मूल पता उज्बेकिस्तान के फरगाना क्षेत्र के मारगिलेन शहर का बताया गया है। वहीं, उसका वर्तमान पता दिल्ली के वसंत कुंज स्थित किशनगढ़ इलाके का दर्ज है।
एफआईआर के अनुसार, महिला का वीजा 23 अक्टूबर 2025 को समाप्त हो गया था। आरोप है कि वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी वह भारत में रह रही थी। इस मामले में पुलिस ने इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 23(ए) के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की है।
सीओ सलोन के मुताबिक, मामले की जांच के दौरान राशिद की भूमिका सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि राशिद ने उज्बेकिस्तान की महिला को पनाह दी थी और भारत में रहने के दौरान उसकी मदद की थी। बताया गया है कि महिला दिल्ली में नौकरी और रोजगार की तलाश में आई थी। पुलिस के अनुसार, महिला के संपर्क में आने के बाद राशिद ने उसकी मदद करने के नाम पर भारतीय निवास से संबंधित दस्तावेज तैयार करवाए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर महिला का आधार कार्ड, पैन कार्ड और एटीएम बनवाए जाने का आरोप है। मामले में राशिद को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, महिला इन दस्तावेजों का इस्तेमाल अपनी आजीविका चलाने और पैसे कमाने के लिए करती थी। आरोप है कि इस काम से मिलने वाली रकम में से कुछ हिस्सा राशिद को भी दिया जाता था। जांच एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि महिला ने इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कहां-कहां किया। साथ ही, दस्तावेज तैयार कराने की प्रक्रिया में किन लोगों ने मदद की और क्या किसी अन्य व्यक्ति को भी इससे आर्थिक लाभ मिला, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस ने महिला के खिलाफ इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 की धारा 23(ए) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। फिलहाल मामले में वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भारत में रहने, भारतीय निवास संबंधी दस्तावेज तैयार कराने और उनके कथित इस्तेमाल से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला भारत में कब आई थी, वीजा समाप्त होने के बाद वह कहां-कहां रही और दस्तावेज बनवाने में किन लोगों की भूमिका थी।
रायबरेली के सलोन में सामने आए इस मामले ने विदेशी नागरिकों के वीजा और पहचान से जुड़े दस्तावेजों की जांच को लेकर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस फिलहाल उपलब्ध जानकारी और दस्तावेजों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। फिलहाल, उज्बेकिस्तान की महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज है और उसे पनाह देने तथा दस्तावेज बनवाने में मदद करने के आरोप में राशिद की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में और कौन-कौन शामिल था और कथित तौर पर तैयार कराए गए दस्तावेजों का इस्तेमाल किस स्तर तक किया गया।
Location : Raebareli
Published : 9 October 2026, 6:55 PM IST