UP STF की बड़ी कार्यवाई: फर्जी फर्में, नकली बिल और करोड़ों की GST चोरी… STF ने दिल्ली से दबोचे दो इनामी मास्टरमाइंड

उत्तर प्रदेश एसटीएफ को जीएसटी फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले में बड़ी सफलता मिली है। संतकबीरनगर में दर्ज करोड़ों रुपये के फर्जी इनवॉइस और बोगस फर्मों के जरिए टैक्स चोरी के मामले में 50-50 हजार रुपये के इनामी दो आरोपियों को नई दिल्ली से गिरफ्तार किया गया है। दोनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे थे और उन पर जीएसटी विभाग व पुलिस की नजर थी।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 June 2026, 4:55 PM IST

New Delhi: उत्तर प्रदेश में जीएसटी चोरी और फर्जी फर्मों के जरिए सरकारी राजस्व को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचाने वाले नेटवर्क पर एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। संतकबीरनगर में दर्ज एक चर्चित मामले में 50-50 हजार रुपये के इनामी दो आरोपियों को नई दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया गया है। जांच में सामने आया है कि आरोपी फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस कंपनियां बनाकर नकली इनवॉइस और ई-वे बिल तैयार करते थे, जिससे वास्तविक कारोबारियों को इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ दिलाया जाता था और सरकार को भारी राजस्व हानि होती थी।

दिल्ली से हुई गिरफ्तारी

एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सौरभ अग्रवाल और अजीत कुमार के रूप में हुई है। दोनों लंबे समय से फरार चल रहे थे और उनकी गिरफ्तारी पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। एसटीएफ ने दोनों को 1 जून 2026 की शाम पश्चिमी दिल्ली के हरिनगर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।

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संतकबीरनगर के मामले में थे वांछित

दोनों आरोपी संतकबीरनगर जिले के खलीलाबाद थाने में दर्ज एक मामले में वांछित थे। इस मामले में पहले भी दो आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी थी, जबकि सौरभ अग्रवाल और अजीत कुमार समेत अन्य आरोपी फरार हो गए थे। इसके बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम घोषित किया गया था।

ऐसे चलता था फर्जीवाड़े का खेल

पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी नई दिल्ली में अकाउंटेंसी और वित्तीय कार्यों से जुड़े थे। आरोप है कि वे अपने सहयोगियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बोगस फर्में तैयार करते थे। इन फर्मों के नाम पर बिना किसी वास्तविक खरीद-बिक्री के नकली सेल्स इनवॉइस और ई-वे बिल बनाए जाते थे। बाद में इन्हें जीएसटी पोर्टल पर अपलोड कर फर्जी रिटर्न दाखिल किए जाते थे।

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करोड़ों की GST चोरी का आरोप

जांच एजेंसियों के मुताबिक इन फर्जी फर्मों के जरिए करोड़ों रुपये की जीएसटी चोरी की गई। आरोपियों द्वारा दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में कई बोगस फर्मों का नेटवर्क खड़ा किया गया था। इन फर्मों के माध्यम से कागजों पर कारोबार दिखाकर वास्तविक कंपनियों को टैक्स लाभ पहुंचाया जाता था, जबकि सरकार के राजस्व को भारी नुकसान होता था।

बैंक खातों और लॉगिन आईडी का इस्तेमाल

जांच में यह भी सामने आया है कि फर्जी लेनदेन को वास्तविक दिखाने के लिए बैंक खातों का उपयोग किया जाता था। आरोपियों के पास कई फर्मों की लॉगिन आईडी और पासवर्ड मौजूद रहते थे, जिनकी मदद से वे ओटीपी प्राप्त कर लेनदेन और जीएसटी से जुड़ी गतिविधियों को संचालित करते थे।

Location :  New Delhi

Published :  2 June 2026, 4:51 PM IST