सिल्क साड़ियों के पार्सल में छुपा था ऐसा खौफनाक राज… कूरियर कंपनी के गोदाम में जब घुसी STF तो उड़ गए होश!

यूपी एसटीएफ ने वाराणसी के रोहनिया स्थित कूरियर गोदाम में छापा मारकर आजमगढ़ के तस्कर प्रेम चंद्र मौर्या को गिरफ्तार किया है। आरोपी असम से 'सिल्क साड़ी' के फर्जी पार्सल में छिपाकर लाया गया 123 किलो गांजा (कीमत ₹30 लाख) बरामद हुआ है। यह गैंग ऑनलाइन पेमेंट के जरिए कूरियर से तस्करी करता था।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 14 June 2026, 5:59 PM IST

Varanasi/Lucknow: उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी मिली है। एसटीएफ की फील्ड इकाई वाराणसी ने एनसीबी (NCB) के साथ मिलकर एक संयुक्त कार्रवाई में अंतर्राज्यीय स्तर पर अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तस्कर के पास से 123 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है।

कूरियर सर्विस के गोदाम में छापा

एसटीएफ को सूचना मिली थी कि कूरियर सर्विस के जरिए असम से गांजे की एक बड़ी खेप वाराणसी और आसपास के जिलों में सप्लाई के लिए मंगाई गई है। इस सटीक इनपुट पर निरीक्षक श्री अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एसटीएफ की टीम ने रोहनिया (वाराणसी) स्थित TCI-Express कूरियर सर्विस के गोदाम पर छापा मारा।

तलाशी के दौरान गोदाम में रखे कुछ पैकेट्स, जिन पर 'सिल्क साड़ी' लिखा हुआ था, को खोला गया। पुलिस उस वक्त दंग रह गई जब साड़ियों के नाम पर भेजे गए उन पैकेट्स के अंदर से भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ। मौके से पुलिस ने आरोपी प्रेम चन्द्र मौर्या (निवासी आजमगढ़) को गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी रसीद और असम से वाराणसी का 'कूरियर कनेक्शन'

पूछताछ में तस्करों के इस अंतर्राज्यीय नेटवर्क का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसके तहत असम के उद्दालगुडी का रहने वाला बबरू वर्मन गांजा कलेक्ट करता था और गुवाहाटी का बबलू उसे पैक करता था। बबलू ने गुवाहाटी में कूरियर सर्विस के मैनेजर के साथ सांठगांठ कर रखी थी, जिसके जरिए वे गांजे के पैकेट्स पर 'सिल्क साड़ी' का फर्जी नाम-पता और रसीद लगाकर उसे कार्गो के माध्यम से उत्तर प्रदेश भेज देते थे।

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वाराणसी पहुंचने पर स्थानीय तस्कर कूरियर ऑफिस जाकर फर्जी रसीद और नंबर दिखाकर आसानी से माल उठा लेते थे, जिसे बाद में वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर और देवरिया के स्थानीय तस्करों को बेचा जाता था; इस खेप के बदले यूपी के तस्कर असम के मुख्य सरगना को ₹3800 प्रति किलोग्राम के हिसाब से ऑनलाइन पेमेंट ट्रांसफर करते थे।

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एनसीबी ने दर्ज किया मुकदमा

इस मामले में आरोपी प्रेम चन्द्र मौर्या के खिलाफ एनसीबी द्वारा एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) की विभिन्न धाराओं (08/20/25/27ए/29) के तहत केस संख्या 07/2026 दर्ज कर लिया गया है। एसटीएफ और एनसीबी की टीमें अब इस गिरोह से जुड़े असम के अन्य मुख्य आरोपियों और स्थानीय कूरियर कर्मियों की तलाश में जुट गई हैं।

Location :  Varanasi

Published :  14 June 2026, 5:59 PM IST