
आरोपी मोनू यादव उर्फ अभिमन्यू यादव (Img: Dynamite News)
New Delhi: उत्तर प्रदेश एसटीएफ को लंबे समय से फरार चल रहे एक इनामी आरोपी को गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता मिली है। लखनऊ के चर्चित टैक्सी ड्राइवर हत्याकांड में वर्ष 2019 से वांछित 50 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोनू यादव उर्फ अभिमन्यू यादव को राजस्थान के डीडवाना जिले से गिरफ्तार किया गया। आरोपी कई वर्षों से अपनी पहचान छिपाकर वहां एक निजी फैक्ट्री में काम कर रहा था।
एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लखनऊ पुलिस के हवाले कर दिया है। अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस के अनुसार यह मामला जुलाई 2019 का है। आरोप है कि मोनू यादव ने अपने तीन साथियों के साथ मिलकर एयरपोर्ट जाने का बहाना बनाकर एक टैक्सी बुक की थी। टैक्सी चालक शुभम पांडेय यात्रियों को लेकर निकला, लेकिन उसे इस बात का अंदाजा भी नहीं था कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा।
जांच में सामने आया कि आरोपियों की मंशा शुरू से ही टैक्सी लूटने की थी। रास्ते में उन्होंने चालक की हत्या कर दी और शव को नहर में फेंक दिया। इसके बाद टैक्सी लेकर वाराणसी की ओर फरार हो गए।
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घटना के बाद जब पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की तो आरोपी अलग-अलग राज्यों में छिपता रहा। पूछताछ में उसने बताया कि पहले वह बेंगलुरु चला गया, जहां उसने कंडक्टरी का काम किया। कुछ समय बाद वह राजस्थान पहुंच गया और डीडवाना स्थित एक उद्योग में मजदूरी करने लगा। आरोपी ने अपनी पहचान छिपाकर सामान्य जिंदगी जीने की कोशिश की, ताकि पुलिस की नजर उस तक न पहुंच सके।
इस मामले की जांच के लिए उत्तर प्रदेश एसटीएफ की विभिन्न टीमों को लगाया गया था। कानपुर एसटीएफ यूनिट लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी। खुफिया जानकारी के आधार पर टीम को पता चला कि मोनू यादव राजस्थान के डीडवाना में काम कर रहा है। सूचना मिलते ही एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची और 15 जुलाई 2026 को सत्या इंडस्ट्रीज परिसर से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के दौरान उसने भागने की कोशिश नहीं की।
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अपने साथियों मिथलेश पांडेय, छोटू सिंह और मोहन यादव के साथ मिलकर पूरी योजना बनाई थी। उनका मकसद टैक्सी लूटना था। विरोध करने पर चालक की हत्या कर दी गई और शव को नहर में फेंक दिया गया। आरोपी ने यह भी स्वीकार किया कि घटना के बाद पुलिस कार्रवाई तेज होने पर उसने उत्तर प्रदेश छोड़ दिया और लगातार अपने ठिकाने बदलता रहा।
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पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मोनू यादव के खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। बलिया में मारपीट और धमकी देने का मामला उसके खिलाफ दर्ज है। वहीं लखनऊ के सरोजनी नगर थाने में टैक्सी चालक हत्याकांड के अलावा अदालत में पेश न होने के कारण अलग से भी मुकदमा दर्ज किया गया था। यही वजह थी कि उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
एसटीएफ का कहना है कि इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना में शामिल अन्य आरोपी कहां हैं और क्या किसी ने फरारी के दौरान मोनू यादव की मदद की थी। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सरोजनी नगर थाने में दर्ज मुकदमे में दाखिल कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस उससे आगे पूछताछ कर रही है।
Location : New Delhi
Published : 16 July 2026, 1:50 PM IST
Topics : Lucknow Taxi Driver Murder UP News UP STF