यूपी में 50 हजार के इनामी शूटर का एनकाउंटर, मुन्ना बजरंगी गैंग से भी जुड़ा था नाम; आखिर कैसे चढ़ा पुलिस के हत्थे

यूपी में पुलिस और एसटीएफ की कार्रवाई में एक ऐसे शूटर का अंत हुआ, जिसका नाम कई बड़े अपराधों से जुड़ा था। पश्चिम यूपी से लेकर पूर्वांचल तक उसके कनेक्शन की जांच चल रही थी। कभी बड़े गैंगों के साथ जुड़कर वारदातों को अंजाम देने वाला यह बदमाश आखिर पुलिस के निशाने पर कैसे आया।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 26 July 2026, 3:21 PM IST

Baghpat: बागपत में शनिवार शाम पुलिस और एक कुख्यात शूटर के बीच हुई मुठभेड़ ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के सैड़भर मार्ग पर सिंचाई विभाग के बंगले के पास एसटीएफ मेरठ और पुलिस की टीम का सामना 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश विपुल उर्फ खूनी से हुआ।

पुलिस के अनुसार, घेराबंदी के दौरान बदमाश ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में विपुल गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस उसे तुरंत अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके से पुलिस ने दो पिस्टल, कारतूस, खोखे और एक अपाचे बाइक बरामद की है।

कई जिलों में फैला था अपराध का नेटवर्क

शामली जिले के भभीसा गांव निवासी विपुल उर्फ खूनी पुलिस रिकॉर्ड में एक शातिर अपराधी था। उसके खिलाफ शामली, बागपत, मेरठ, दिल्ली, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर समेत कई जिलों में हत्या, लूट, डकैती, रंगदारी और अन्य गंभीर अपराधों के 38 मामले दर्ज थे। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विपुल ने कुख्यात सुशील मूंछ गिरोह के शॉर्प शूटर के रूप में कई वारदातों को अंजाम दिया था।

एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि अपराध की दुनिया में उसका नाम लंबे समय से सामने आता रहा था और कई मामलों में पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।

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कैसे पुलिस के रडार पर आया?

पुलिस के अनुसार, करीब दो साल पहले जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद विपुल ने अपने ही गांव के एक हत्या मामले के वादी अशोक कुमार से मुकदमे की पैरवी में खर्च हुए रुपये मांगने शुरू कर दिए थे। आरोप है कि रुपये नहीं देने पर उसने अशोक को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद कांधला थाने में उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। लगातार फरार रहने और कोर्ट में पेश नहीं होने के कारण उसके खिलाफ कई मामलों में गैर जमानती वारंट भी जारी हो चुके थे। इसके बाद पुलिस ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।

सूचना मिलते ही एसटीएफ ने बिछाया जाल

पुलिस को शनिवार शाम सूचना मिली कि विपुल अपाचे बाइक से सिंघावली अहीर-सैड़भर मार्ग से गुजरने वाला है। इसके बाद मेरठ एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने इलाके में घेराबंदी कर दी। जैसे ही पुलिस टीम ने उसे रोकने की कोशिश की, आरोप है कि उसने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस के अनुसार, विपुल के सीने में तीन गोलियां लगीं, जबकि एक गोली कनपटी को छूते हुए निकल गई।

कई बड़े गैंगों से जुड़ चुका था विपुल

पुलिस जांच में सामने आया कि विपुल ने अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद कई गैंगों से संपर्क बनाया। शुरुआत में वह अपने गांव के बदमाश भीम के साथ आपराधिक घटनाओं में शामिल हुआ। इसके बाद वह दिल्ली के चीनू पंडित गिरोह से जुड़ा और फिर सुशील मूंछ गैंग का हिस्सा बना। पुलिस का दावा है कि उसका संपर्क टीकरी के सुनील राठी गैंग से भी रहा था। इसके अलावा पूर्वांचल की कुछ घटनाओं में भी उसकी भूमिका की जांच की जा रही है।

मुन्ना बजरंगी गैंग से भी जुड़ा था नाम

पुलिस के अनुसार, बागपत जेल में कुख्यात अपराधी मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद विपुल उससे जुड़े गैंग से दूर हो गया था। इसके बाद वह नए आपराधिक संपर्क बनाने की कोशिश कर रहा था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि उसके अन्य राज्यों और गैंगों से कितने गहरे संबंध थे।

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मुठभेड़ के बाद विपुल के परिजन देर रात पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। उसके चाचा योगेश ने बताया कि विपुल परिवार का इकलौता बेटा था। परिवार में उसकी तीन बहनें हैं। वह शादीशुदा था और उसके दो बेटे व एक बेटी है। परिजनों के मुताबिक, वर्ष 2005 में हुए एक विवाद के बाद उसका नाम धीरे-धीरे अपराध की घटनाओं में आने लगा था।

Location :  Baghpat

Published :  26 July 2026, 3:21 PM IST