
यूपी STF ने वांछित आरोपी को दबोचा (IMG: Dynamite News)
Lucknow: सरकारी नौकरियों की ऑनलाइन परीक्षाओं में कथित तौर पर हाईटेक तकनीक के जरिए नकल कराने वाले गिरोह पर उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है। लंबे समय से फरार चल रहे गिरोह के वांछित सदस्य लोकेश को राजस्थान के अलवर से गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तारी के बाद उसके घर पर की गई तलाशी में मॉडिफाइड TFT स्क्रीन, रास्पबेरी पाई डिवाइस, मेमोरी कार्ड, VGA कार्ड, केबल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है। एसटीएफ का दावा है कि इन उपकरणों का इस्तेमाल ऑनलाइन भर्ती परीक्षाओं में कथित रूप से नकल कराने के लिए किया जाता था।
एसटीएफ के अनुसार यह कार्रवाई कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित वर्ष 2026 की ऑनलाइन परीक्षा में कथित धांधली की जांच के दौरान की गई। इससे पहले 22 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा स्थित परीक्षा केंद्र पर कार्रवाई करते हुए गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया गया था। उसी मामले में लोकेश फरार चल रहा था और उसकी तलाश लगातार जारी थी। लगातार तकनीकी निगरानी और खुफिया सूचना के आधार पर एसटीएफ की टीम ने 30 जुलाई 2026 को राजस्थान के अलवर से लोकेश को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ ने आरोपी के घर की तलाशी ली, जहां से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए। प्रेस नोट के अनुसार वहां से कुल 92 TFT स्क्रीन, 45 VGA कार्ड, 20 VGA टू HDMI कार्ड, 15 टाइप-सी केबल, 14 रास्पबेरी पाई डिवाइस, 12 मेमोरी कार्ड, 10 USB केबल, VGA स्विच, लैपटॉप, ग्लू गन और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए गए।
प्रेस नोट के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मॉडिफाइड TFT स्क्रीन तैयार करता था और उन्हें विभिन्न राज्यों में सप्लाई करता था। जांच एजेंसी का आरोप है कि बाहर से ये स्क्रीन सामान्य TFT स्क्रीन जैसी दिखाई देती थीं, लेकिन इनके भीतर अतिरिक्त तकनीक फिट की जाती थी। एसटीएफ के मुताबिक इन स्क्रीन की मदद से परीक्षा की स्क्रीन को बाहरी सिस्टम तक स्ट्रीम किया जा सकता था, जहां से कथित तौर पर दूसरे लोग प्रश्नों का समाधान कर अभ्यर्थियों तक पहुंचाते थे। प्रेस नोट में यह भी उल्लेख है कि इस तकनीक में रास्पबेरी पाई और अन्य नेटवर्किंग उपकरणों का उपयोग किया जाता था।
एसटीएफ ने बताया कि 22 मई 2026 को ग्रेटर नोएडा के एक परीक्षा केंद्र पर छापेमारी कर गिरोह के मुख्य आरोपियों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उस दौरान प्रॉक्सी सर्वर, नकदी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद किए गए थे। उसी मुकदमे में लोकेश वांछित चल रहा था।
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह कई वर्षों से इस तरह की मॉडिफाइड TFT स्क्रीन तैयार कर रहा था और उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान तथा महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों में उनकी सप्लाई करता था। प्रेस नोट के अनुसार वह एक स्क्रीन तैयार करने और सप्लाई करने के बदले अलग-अलग भुगतान लेता था।
Location : Lucknow
Published : 31 July 2026, 5:10 PM IST