सीतापुर में मासूम से कुकर्म, खेलने के बहाने गन्ने के खेत में ले गया था आरोपी; कोर्ट ने सुनाई 20 साल की सजा

सीतापुर के मानपुर थाना क्षेत्र में पांच वर्षीय बच्चे को खेलने के बहाने गन्ने के खेत में ले जाकर कुकर्म करने के मामले में अदालत ने आरोपी धीरज कुमार उर्फ सुल्तान को दोषी करार दिया है। विशेष पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 10 September 2026, 7:41 PM IST

Sitapur: पांच साल का मासूम बच्चा घर से खेलने निकला था, लेकिन उसे क्या पता था कि खेलने के बहाने उसे एक सुनसान गन्ने के खेत में ले जाया जाएगा और उसके साथ ऐसी हैवानियत होगी, जिसकी गूंज वर्षों तक अदालत में सुनाई देगी। सीतापुर के मानपुर थाना क्षेत्र में वर्ष 2019 में पांच वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म के मामले में अदालत ने आरोपी को दोषी करार दिया है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट)/अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-14 ने आरोपी धीरज कुमार उर्फ सुल्तान को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

खेलने के बहाने बच्चे को गन्ने के खेत में ले गया

मामला मानपुर थाना क्षेत्र का है और करीब सात साल पुराना है। अभियोजन के मुताबिक 30 जुलाई 2019 की दोपहर करीब दो बजे पांच वर्षीय बच्चा गांव में राजेंद्र के दरवाजे पर दूसरे बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान आरोपी बच्चे के पास पहुंचा और उसे अपने साथ खेलने के बहाने गांव के बाहर गन्ने के खेत में ले गया। आरोप है कि खेत में ले जाने के बाद आरोपी ने बच्चे के साथ कुकर्म किया। घटना के बाद बच्चा रोते हुए अपने घर पहुंचा।

छह दिन बाद दर्ज कराया गया मुकदमा

अभियोजन के अनुसार घटना 30 जुलाई 2019 को हुई थी, जबकि पीड़ित बच्चे के पिता ने पांच अगस्त 2019 को थाने में लिखित तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और मौके का नक्शा-नजरी तैयार किया। इसके साथ ही पीड़ित के बयान भी दर्ज किए गए।

“पानी में बह गया छह करोड़ का तटबंध!” सीतापुर में शारदा नदी के तांडव से मचा हड़कंप, निर्माण पर उठे गंभीर सवाल

अदालत में सात गवाहों की हुई गवाही

मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने कुल सात गवाह पेश किए। इनमें वादी, पीड़ित, पीड़ित की मां, चिकित्सक और विवेचक समेत अन्य गवाह शामिल रहे। अभियोजन की ओर से अदालत में घटना से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य भी प्रस्तुत किए गए। इनमें तहरीर, पीड़ित का बयान, चिकित्सकीय आख्या, चिक एफआईआर, जीडी और घटनास्थल का नक्शा-नजरी शामिल था।

पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार

न्यायालय ने आरोपी को भारतीय दंड संहिता की धारा 377 और पॉक्सो एक्ट की धारा 5एम/6 के तहत दोषी पाया। अदालत ने मामले की परिस्थितियों और अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी के प्रति किसी तरह की सहानुभूति का आधार नहीं माना। इसके बाद न्यायालय ने धीरज कुमार उर्फ सुल्तान को 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई।

मौत का गोला बनी कार और अंदर जिंदा जल गए जिगरी यार, लखनऊ-सीतापुर हाईवे पर दर्दनाक हादसा

अर्थदंड की रकम पीड़ित को देने का आदेश

इस मामले में अदालत ने सिर्फ आरोपी को सजा सुनाने तक फैसला सीमित नहीं रखा। न्यायालय ने अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़ित को प्रतिकर के रूप में दिए जाने का भी आदेश दिया है। इस आदेश के बाद 2019 में सामने आए इस मामले में न्यायिक प्रक्रिया के तहत आरोपी को कड़ी सजा मिली है। करीब सात साल पुराने मामले में अदालत के फैसले के बाद यह स्पष्ट हुआ कि नाबालिग के खिलाफ किए गए गंभीर अपराध को लेकर अदालत ने सख्त रुख अपनाया।

सात साल बाद आया अदालत का फैसला

मानपुर थाना क्षेत्र का यह मामला 30 जुलाई 2019 को सामने आया था। उस समय पांच साल के बच्चे को खेलने के बहाने गन्ने के खेत में ले जाने और उसके साथ कुकर्म किए जाने का आरोप लगा था। मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने विवेचना की, साक्ष्य जुटाए और आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया। इसके बाद सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से गवाह और दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए।

Location :  Sitapur

Published :  10 September 2026, 7:41 PM IST