
प्रतीकात्मक छवि (Img: Pinterest)
Saharanpur: सहारनपुर के घंटाघर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में 17 करोड़ रुपये के गबन और जाली नोट मिलने के मामले में जांच तेज हो गई है। पीएनबी की करेंसी चेस्ट में जाली नोट मिलने के बाद बैंक अधिकारियों ने करीब 18 दिनों तक पूरे मामले की आंतरिक जांच की। जांच में जब जाली नोट और बड़े स्तर पर गबन की आशंका मजबूत हुई तो पुलिस को तहरीर दी गई।
इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अब आरोपियों की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही है। हालांकि, अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
जांच के दौरान करेंसी चेस्ट में पांच लाख रुपये के एक बंडल ने अधिकारियों को हैरान कर दिया। इसमें 500 रुपये के नोटों की 10 गड्डियां होती हैं। प्रत्येक गड्डी में 100 नोट यानी 50 हजार रुपये होते हैं। बताया जा रहा है कि एक बंडल में 10 गड्डियों में से आठ गड्डियां जाली नोटों की मिलीं। पहली और आखिरी गड्डी में असली नोट रखे गए थे, जबकि बीच में नकली नोटों की गड्डियां लगाई गई थीं। इससे सामान्य जांच में जाली नोटों का पता लगाना मुश्किल हो सकता था।
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जाली नोटों की गुणवत्ता की भी जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में पता चला है कि नकली नोट तैयार करने के लिए सामान्य कागज और स्याही का इस्तेमाल किया गया था। जांच टीम अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन नोटों को कहां तैयार किया गया और किस तरह करेंसी चेस्ट तक पहुंचाया गया। नोटों के सीरियल नंबर भी जांच में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
मंगलवार को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की टीम भी मामले की जांच के लिए सहारनपुर पहुंची। करीब छह अधिकारियों की टीम दो वाहनों से सोफिया मार्केट स्थित पीएनबी की करेंसी चेस्ट पहुंची। अधिकारियों ने कई घंटे तक करेंसी चेस्ट में रिकॉर्ड और नोटों की जांच की। टीम ने अब तक हुई नोटों की गिनती, बंडलों से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड का मिलान किया।
बैंक कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। बताया गया कि आरबीआई की टीम करीब चार घंटे तक करेंसी चेस्ट में रही। टीम यह समझने का प्रयास कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में नकली नोट बैंक की करेंसी चेस्ट तक कैसे पहुंचे।
जांच के दौरान एक से अधिक बंडलों में जाली नोट मिलने की बात सामने आ रही है। शुरुआती रैक में रखे बंडल सामान्य पाए गए, लेकिन आगे की रैक में नकली नोटों वाली गड्डियां मिलने लगीं। कुछ गड्डियों में ऊपर और नीचे असली नोट रखकर बीच में जाली नोट लगाए गए थे। इससे आशंका है कि नकली नोटों को बेहद योजनाबद्ध तरीके से बंडलों में रखा गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के बैंक खातों को सीज कर दिया गया है। पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की हैं। एक पुलिस टीम ने हरियाणा के यमुनानगर, जगाधरी और अंबाला समेत कई स्थानों पर दबिश दी। बताया जा रहा है कि मामले में आरोपी दो बैंक प्रबंधक यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र के रहने वाले हैं। हालांकि, अभी पुलिस के हाथ कोई आरोपी नहीं लगा है।
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अब जांच एजेंसियों की नजर जाली नोटों के सीरियल नंबर पर है। इनके जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि नकली नोट कहां से आए और करेंसी चेस्ट में किस स्तर पर उनकी अदला-बदली की गई। फिलहाल पुलिस और आरबीआई की जांच जारी है। आने वाले दिनों में जांच से 17 करोड़ रुपये के गबन और जाली नोटों के इस पूरे खेल से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आने की उम्मीद है।
Location : Saharanpur
Published : 2 September 2026, 12:31 PM IST