रिश्ता पक्का समझ बैठे… दुल्हन की फोटो निकली फर्जी, शादी के नाम पर ऐसे चलता था करोड़ों की ठगी का खेल

शादी के सपने दिखाकर लोगों को जाल में फंसाने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। फर्जी प्रोफाइल, इंटरनेट से उठाई गई तस्वीरें और भरोसा जीतने का ऐसा तरीका अपनाया जाता था कि लोग आसानी से पैसे भेज देते थे।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 16 July 2026, 1:21 PM IST

Saharanpur: सहारनपुर में शादी के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले एक बड़े साइबर गिरोह का खुलासा हुआ है। यह गिरोह खुद को भरोसेमंद मैट्रिमोनियल सर्विस बताकर उन लोगों को निशाना बनाता था जो अपने लिए जीवनसाथी की तलाश कर रहे थे। वेबसाइट पर आकर्षक प्रोफाइल दिखाकर पहले लोगों का भरोसा जीता जाता था और फिर रजिस्ट्रेशन के नाम पर ऑनलाइन पैसे जमा करा लिए जाते थे।

पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों ने साफ कर दिया कि यह पूरा कारोबार लोगों की भावनाओं का फायदा उठाकर पैसे ऐंठने के लिए चलाया जा रहा था।

फर्जी वेबसाइट से चल रहा था पूरा नेटवर्क

पुलिस के अनुसार सदर बाजार थाना और साइबर क्राइम टीम ने कोर्ट रोड स्थित गिल कॉलोनी में एक कार्यालय पर छापा मारा। सूचना मिली थी कि यहां "परफेक्ट रिश्ते" नाम से एक फर्जी मैट्रिमोनियल वेबसाइट संचालित की जा रही है। छापेमारी के दौरान कई महिलाएं कंप्यूटर और मोबाइल के जरिए अलग-अलग लोगों से बातचीत करती मिलीं। वे खुद को मैट्रिमोनियल कंपनी का कर्मचारी बताकर शादी के लिए अच्छे रिश्ते उपलब्ध कराने का दावा करती थीं। शुरुआती जांच में पता चला कि इनका मुख्य काम लोगों को वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराने के लिए तैयार करना था।

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इंटरनेट से डाउनलोड होती थीं दुल्हनों की तस्वीरें

जांच में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि वेबसाइट पर दिखाई जाने वाली कई लड़कियों की तस्वीरें असली नहीं थीं। आरोपी इंटरनेट और सोशल मीडिया से तस्वीरें डाउनलोड करके उन्हें अलग-अलग प्रोफाइल में इस्तेमाल करते थे।

जब कोई ग्राहक किसी प्रोफाइल में रुचि दिखाता था, तब कॉल सेंटर में मौजूद कर्मचारी उससे लगातार बात कर भरोसा बढ़ाते थे। तस्वीरें भेजी जाती थीं और दावा किया जाता था कि रिश्ता पूरी तरह वास्तविक है। इसी भरोसे के दम पर लोगों से रजिस्ट्रेशन और दूसरी फीस जमा कराई जाती थी।

पैसे मिलते ही बंद हो जाता था संपर्क

पुलिस के मुताबिक जैसे ही ग्राहक ऑनलाइन भुगतान कर देता था, उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया जाता था। इसके बाद न तो कोई कॉल उठाई जाती थी और न ही किसी तरह का रिश्ता उपलब्ध कराया जाता था। कई पीड़ितों को लंबे समय तक यह समझ ही नहीं आया कि उनके साथ ठगी हो चुकी है। पुलिस का मानना है कि इस तरीके से बड़ी संख्या में लोग शिकार बने हो सकते हैं।

मुख्य आरोपी से पूछताछ में मिले अहम सुराग

मामले में छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के रहने वाले मुख्य आरोपी सूरज मरावी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने कथित तौर पर बताया कि पूरा नेटवर्क एक वेबसाइट के जरिए संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में तीन महिलाओं से भी पूछताछ की। फिलहाल जांच की जा रही है कि उनकी भूमिका केवल कॉल सेंटर तक सीमित थी या वे पूरे फर्जीवाड़े की जानकारी रखती थीं।

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कार्यालय से मिला भारी मात्रा में सामान

छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए। इनमें कई कंप्यूटर, सीपीयू, लैपटॉप, एंड्रॉयड और बेसिक मोबाइल फोन, बायोमेट्रिक डिवाइस, प्रिंटर, वाई-फाई राउटर, लैंडलाइन फोन, चार्जर, प्रचार सामग्री, रसीदें और मुहरें शामिल हैं। अब इन सभी उपकरणों की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी, जिससे यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने कितने लोगों को निशाना बनाया और इसके तार किन-किन राज्यों तक जुड़े हुए हैं।

कई राज्यों तक फैला हो सकता है ठगी का जाल

जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क सिर्फ उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं था। अलग-अलग राज्यों के लोगों को भी इसी तरह फोन कर शादी का झांसा दिया गया हो सकता है। पुलिस अब बैंक खातों, डिजिटल ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और वेबसाइट के तकनीकी डेटा की जांच कर रही है।

Location :  Saharanpur

Published :  16 July 2026, 1:21 PM IST